मानना पड़ेगा! 'यूट्यूबर ने भारत की जीडीपी में 6800 करोड़ रुपये का योगदान दिया'

भारत में मौजूदा वक्त में 1,00,000 से अधिक सब्सक्राइबर वाले चैनलों की संख्या कथित तौर पर 40,000 हो चुकी है। इनमें साल दर साल 45 फीसदी की दर से वृद्धि हो रही है।

मानना पड़ेगा! 'यूट्यूबर ने भारत की जीडीपी में 6800 करोड़ रुपये का योगदान दिया'
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अमेरिकी कंपनी गूगल के प्रोडक्ट यूट्यूब ने एक स्वतंत्र परामर्श फर्म ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट ने खुलासा किया है कि भारतीय यूट्यूबर यानी यूट्यूब पर मौजूद कंटेंट निर्माताओं ने साल 2020 में भारतीय सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी में 6,800 करोड़ रुपये का योगदान दिया है। वहीं यूट्यूब ने इसी वक्त में भारत में 6,83,900 पूर्णकालिक समकक्ष नौकरियां भी पैदा की हैं।

भारत में 80 फीसदी से अधिक क्रिएटिव कंटेंट निर्माताओं का मानना है कि यूट्यूब से उनके प्रोफेशनल गोल यानी लक्ष्यों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। Photo by Moses Londo / Unsplash

यूट्यूब के क्षेत्रीय निदेशक अजय विद्यासागर ने कहा कि भारत में यूट्यूब पर कंटेंट बनाने वाले निर्माता अर्थव्यवस्था में आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और यहां तक ​​कि सांस्कृतिक प्रभाव को प्रभावित करने वाली एक नरम शक्ति के रूप में उभरने की क्षमता रखते हैं। यदि भारत के यूट्यूब कंटेंट निर्माता और कलाकार वैश्विक दर्शकों के साथ जुड़ने वाली मीडिया कंपनियों के साथ जुड़ते हैं तो भारत की अर्थव्यवस्था की समग्र सफलता पर उनका प्रभाव और भी बढ़ता दिखाई देगा।