इस पौराणिक मंदिर में आठ दिन पूर्व क्यों मनाया गया 75वां स्वतंत्रता दिवस?

देश 15 अगस्त 1947 को जब अंग्रेजी राज से आजाद हुआ, तब हिंदू पंचांग के मुताबिक श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी थी। इसलिए पशुपतिनाथ मन्दिर में हर साल इसी तिथि के अनुसार स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है।

इस पौराणिक मंदिर में आठ दिन पूर्व क्यों मनाया गया 75वां स्वतंत्रता दिवस?

देशभर में 75वें स्वतंत्रता दिवस का जश्न 15 अगस्त को पूरे उत्साह से मनाने की तैयारियां जारी हैं। लेकिन मध्य प्रदेश के मंदसौर शहर के प्रसिद्ध पशुपतिनाथ मंदिर में आजादी का सालाना पर्व तय तिथि से आठ दिन पहले ही मना लिया गया।

स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों को लेकर राष्ट्रीय ध्वज को संवारा जा रहा है। 

इंदौर से लगभग 250 किलोमीटर दूर मंदसौर में शिवना नदी के किनारे स्थित इस प्राचीन शिव मंदिर में स्वतंत्रता दिवस हिन्दू पंचांग के आधार पर मनाया जाता है। यह अनूठी परंपरा पिछले 36 साल से चली आ रही है।

पशुपतिनाथ मन्दिर के पुरोहितों और यजमानों की संस्था ‘ज्योतिष एवं कर्मकांड परिषद’ के अध्यक्ष उमेश जोशी ने कहा, ‘‘देश 15 अगस्त 1947 को जब अंग्रेजी राज से आजाद हुआ, तब हिंदू पंचांग के मुताबिक श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी थी। इसलिए पशुपतिनाथ मन्दिर में हर साल इसी तिथि के अनुसार स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है।’’

इस मंदिर में अष्टमुखी शिवलिंग की पूजा होती है। 

इस मंदिर में अष्टमुखी शिवलिंग की पूजा होती है। भगवान शिव के 8 मुख, जीवन की 4 अवस्थाओं का वर्णन करते हैं. पूर्व का मुख बाल्यवस्था का, दक्षिण का मुख किशोरावस्था का, पश्चिम का मुख युवावस्था और उत्तर का मुख प्रौढ़ा अवस्था के रूप में दिखाई देता है। यहां ऐसी मान्यता है कि अष्टमुखी पशुपतिनाथ के दर्शन से सभी मनोकामनाएं पूरी होती है।