भारत देगा दुनिया को पहली DNA आधारित वैक्सीन

मंत्रालय ने बताया कि 16 जनवरी को टीकाकरण कार्यक्रम शुरू होने के बाद से देश भर में कुल 140 करोड़ से अधिक डोज दी जा चुकी हैं। भारत में पहली डोज लेने वालों की संख्या 89 फीसदी हो चुकी है।

भारत देगा दुनिया को पहली DNA आधारित वैक्सीन

प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार देर रात भारत की जनता को संबोधित करते हुए एलान किया है कि 15 से 18 साल की उम्र के बच्चों को 3 जनवरी 2022 से वैक्सीन लगाई जाएंगी। एक अनुमान के मुताबिक देश में 15 से 17 साल की उम्र के करीब 7 करोड़ 40 लाख बच्चे हैं। इसके अलावा हेल्थकेयर, फ्रंटलाइन वर्कर्स और कोमॉर्बोलिटी वाले 60 से ज्यादा उम्र के लोगों को भी कोरोना वैक्सीन की बूस्टर डोज दी जाएगी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि महामारी से लड़ने के लिए जल्द ही देश के पास पहली डीएनए आधारित वैक्सीन होगी। ऐसा होने पर भारत दुनिया में पहला ऐसा देश होगा, जिसके पास महामारी से बचाव के लिए DNA आधारित टीका होगा।

भारत में पहली डोज लेने वालों की संख्या 90 फीसदी हो चुकी है।

करीब 135 करोड़ की आबादी वाले देश भारत ने जहां 21 अक्टूबर तक कोरोना महामारी से बचाव के लिए वैक्सीनेशन का आंकड़ा 100 करोड़ से पार कर लिया था वहीं एक राहत भरी खबर अब यह भी आ रही है कि महामारी के लिए जरूरी दूसरी डोज भी भारत ने 62 फीसदी से अधिक योग्य आबादी को लगा दी गई है।