कभी हार नहीं मानी, संघर्ष का रास्ता चुना, आज अरबों के मालिक हैं जय चौधरी

सॉफ्टवेयर स्टार्टअप चलाने वाले 62 वर्षीय जय चौधरी ने फोर्ब्स की विश्व अरबपतियों की सूची में जगह बनाई है। वह भारतीय मूल के सबसे अमीर अमेरिकी नागरिक हैं।

कभी हार नहीं मानी, संघर्ष का रास्ता चुना, आज अरबों के मालिक हैं जय चौधरी

भारत के हिमाचल प्रदेश में ऊना एक बेहद खूबसूरत जगह है। इस जिले में एक गांव है पनोह। कभी इस छोटे से गांव में दीये और लालटेन की रोशनी में पढ़ाई करने वाले जगतार उर्फ जय चौधरी आज 13.6 अरब डॉलर संपत्ति के मालिक हैं। आज से करीब 40 साल पहले जय चौधरी ने जब भारत से यूएस के लिए उड़ान भरी थी तो उस समय उनकी जेब में महज 15 हजार रुपये थे। एक छोटे से गांव में पले-बढ़े 20 साल के युवक के लिए यह एक पूरी नई दुनिया थी, जिसके पास तब कोई साधन नहीं था।

सॉफ्टवेयर स्टार्टअप चलाने वाले 62 वर्षीय जय चौधरी ने फोर्ब्स की विश्व अरबपतियों की सूची में जगह बनाई है। 

फोर्ब्स के अनुसार, सॉफ्टवेयर स्टार्टअप चलाने वाले 62 वर्षीय जय चौधरी ने फोर्ब्स की विश्व अरबपतियों की सूची में जगह बनाई है। वह भारतीय मूल के सबसे अमीर अमेरिकी नागरिक हैं। पिछले साल उन्हें सबसे अमीर अमेरिकियों की सालाना रैंकिंग में 400 में 45 वें स्थान पर रखा गया था। चौधरी वर्तमान में एक साइबर सुरक्षा फर्म Zscaler के सीईओ हैं। इसकी स्थापना उन्होंने 2008 में की थी। चार अन्य कंपनियों की स्थापना के अलावा वह वेरीसाइन के सुरक्षा सेवा प्रभाग के उपाध्यक्ष और महाप्रबंधक थे। एनसीआर, आईबीएम, यूनिसिस और आईक्यू सॉफ्टवेयर में प्रबंधन पदों पर काम कर चुके हैं।

जय ने विपरीत परिस्थितियों में कभी हार नहीं मानी और संघर्ष का रास्ता चुना। बचपन में पढ़ाई करने चार किलोमीटर पैदल चलकर पास के धुसाड़ा स्कूल जाते थे। बिजली न होने के कारण लालटेन और दीये की रोशनी में देररात तक पढ़ाई करते थे। आठवीं में उन्होंने तीसरा स्थान हासिल किया। 10वीं में दूसरा और ऊना महाविद्यालय में पढ़ाई कर यूनिवर्सिटी में पहले स्थान पर रहे। उसके बाद स्टडी लोन लेकर वाराणसी में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) से बीटेक की। एमटेक के लिए अमेरिका का रुख किया और वहां कंप्यूटर कंपनी में करियर शुरू किया।

1996 में जय चौधरी और उनकी पत्नी ज्योति ने अपनी नौकरी छोड़ दी और अपना पहला स्टार्टअप सिक्योर आईटी लॉन्च किया। दो साल बाद चौधरी अटलांटा चले गए और वायरलेस सुरक्षा कंपनी एयर डिफेंस की स्थापना की, जिसे बाद में मोटोरोला द्वारा अधिग्रहित किया गया था। 2008 में उन्होंने Zscaler की स्थापना की। 2021 में यह 673.1 मिलियन डॉलर के राजस्व के साथ सबसे बड़ी इंटरनेट सुरक्षा कंपनी बन गई। चौधरी का कहना है कि मेरी अब तक की सफलता मुख्य रूप से इसलिए रही है, क्योंकि मुझे पैसे के लिए बहुत कम लगाव है। उन्हें अर्न्स्ट एंड यंग एंटरप्रेन्योर ऑफ द ईयर, इनोवेटर एंड इन्फ्लुएंसर जैसे कई पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है।