सिखों के खिलाफ न हों नस्लभेदी हमले, लाइब्रेरी में जान सकेंगे मान्यताओं को

ओक क्रीक लाइब्रेरी के निदेशक जिल लाइनिंगर ने कहा, काफी तलाश के बाद भी हमें कोई अन्य पुस्तकालय नहीं मिला, जिसमें इस तरह चीजों को एकत्रित किया गया हो। विस्कॉन्सिन स्थित गुरुद्वारों की साझेदारी से अनावरण कार्यक्रम का जश्न मनाया गया। इस दौरान सिख समुदाय के कई लोग पुस्तकालय आए थे।

सिखों के खिलाफ न हों नस्लभेदी हमले, लाइब्रेरी में जान सकेंगे मान्यताओं को

अमेरिका में अगर आप सिख धर्म और परंपराओं के बारे में करीब से जानना चाहते हैं तो विस्कॉन्सिन राज्य में ओक क्रिक स्थित एक पुस्तकालय में मदद मिल सकती है। यहां ओक क्रीक पब्लिक लाइब्रेरी में एक संग्रह उपलब्ध है। यह अपनी तरह का पहला संग्रह है जहां लगभग 120 किताबें, फिल्मों और धार्मिक महत्व की अन्य प्रतीकों को प्रदर्शित किया गया है।

बताया गया है कि यह विस्कॉन्सिन राज्य और संभवतः अमेरिका में सबसे बड़ा संग्रह है। बता दें कि अमेरिका में बड़ी संख्या में सिख धार्मिक और नस्ली भेदभाव का शिकार होते रहे हैं। इस संग्रह का मकसद यह है कि लोग सिख मान्यताओं और परंपराओं के बारे में अधिक से अधिक जान सकें।

ओक क्रीक पब्लिक लाइब्रेरी के निदेशक जिल लाइनिंगर ने कहा, काफी तलाश के बाद भी हमें कोई अन्य पुस्तकालय नहीं मिला, जिसमें इस तरह चीजों को एकत्रित किया गया हो। यह अपने आप में अनूठा है। इसका मकसद विस्कॉन्सिन में दूसरों की मदद करने के साथ ही यह है कि लोग सिख धर्म और उसकी परंपराओं के बारे में जानें, जो दुनिया का 5वां सबसे बड़ा धर्म है। संग्रह राज्य के सार्वजनिक निर्देश विभाग को उपलब्ध कराया गया है। इसका उपयोग सार्वजनिक स्कूल पाठ्यक्रम में भी किया जाएगा।

विस्कॉन्सिन स्थित गुरुद्वारों की साझेदारी से अनावरण कार्यक्रम का जश्न मनाया गया। 

पिछले शनिवार संग्रह के अनावरण के मौके पर फ्रैंकलिन हाई स्कूल के छात्र गुरजोत सिंह घोत्रा ने कहा कि मैं लोगों को सिख समुदाय और हमारी मान्यताओं के बारे में जानने के लिए प्रोत्साहित करना चाहता हूं। स्कूल में मेरे कई साथी पूछते हैं कि मैं पगड़ी क्यों पहनता हूं। उनके भीतर इसे जानने की उत्सुकता होती है और मैं इसकी सराहना करता हूं। अब मैं उन्हें बता सकता हूं कि वे इस बारे में पुस्तकालय में पढ़कर इसे बहुत गहरे स्तर पर समझ सकते हैं।

विस्कॉन्सिन स्थित गुरुद्वारों की साझेदारी से अनावरण कार्यक्रम का जश्न मनाया गया। इस दौरान सिख समुदाय के कई लोग पुस्तकालय आए थे। गुरलाल सिंह अपने बेटे अभिराज के साथ वहां मौजूद थे। गुरलाल उस समूह का हिस्सा हैं जो स्थानीय उच्च विद्यालयों में छात्रों को सिख धर्म के बारे में सिखाने के लिए जाते हैं। गुरलाल का कहना है कि जब हम मॉल या हवाई अड्डे पर या बाहर जाते हैं तो पगड़ी की वजह से हम सबसे अलग दिखते हैं। इसके कारण कुछ गलतफहमी और गलत धारणाओं की वजह से हम पर नस्लभेदी हमले होते हैं। लेकिन अगर लोग पगड़ी और हमारी मान्यताओं, परंपराओं बारे में अधिक जानेंगे तो हमारे साथ वे सहज हो सकेंगे। बता दें कि ओक क्रीक में ही लगभग 10 साल पहले एक श्वेत कट्टरपंथी ने स्थानीय गुरुद्वारे में श्रद्धालुओं पर गोलियां चला दी थीं, जिसमें छह लोग मारे गए थे।