तालिबान ने किया भारत में पढ़ने वाले अफगानी छात्रों की मदद का वादा, कैसे?

यह पहली बार है, जब तालिबान नेतृत्व ने अफगान छात्रों की पढ़ाई को लेकर भारतीय अधिकारियों से सीधे संपर्क करने की बात कही है। अफगान दूतावास के अनुसार, भारतीय शिक्षा संस्थानों में अफगानिस्तान के लगभग 13 हजार से ज्यादा स्टूडेंट रजिस्टर्ड हैं।

तालिबान ने किया भारत में पढ़ने वाले अफगानी छात्रों की मदद का वादा, कैसे?

अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने कहा है कि वह भारत में अफगानी स्टूडेंट्स की छूटी हुई पढ़ाई पूरी करवाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार से संपर्क करेगी। तालिबान के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्ताकी ने हाल ही में अफगान छात्रों से मुलाकात की थी।

मंत्री के उप प्रवक्ता हाफिज जिया अहमद ने ट्वीट करके बताया कि छात्रों ने कोरोना की वजह से निलंबित हुई कक्षाओं को फिर से शुरू कराने और भारतीय वीजा जारी करवाने में मदद का मंत्री से अनुरोध किया। इस पर मंत्री ने आश्वासन दिया कि वह छात्रों की मांगों को भारतीय दूतावास के समक्ष उठाने और उनकी समस्याओं का समाधान खोजने के लिए संबंधित विभागों को निर्देश देंगे।

यह पहली बार है जब तालिबान नेतृत्व ने अफगान छात्रों की पढ़ाई को लेकर भारतीय अधिकारियों से सीधे संपर्क करने की बात कही है। अफगान दूतावास के अनुसार भारतीय शिक्षा संस्थानों में अफगानिस्तान के लगभग 13 हजार से ज्यादा स्टूडेंट रजिस्टर्ड हैं। हालांकि 2020 में कोरोना महामारी फैलने पर संस्थान बंद होने के बाद बहुत से छात्र अपने देश वापस लौट आए थे और ऑनलाइन पढ़ाई करने पर मजबूर हैं। ये छात्र अब वापस भारत लौटकर पढ़ाई करना चाहते हैं।

पिछले साल अगस्त में तालिबान ने अफगानिस्तान की सरकार पर कब्जा कर लिया था। उससे पहले भारत अफगानी स्टूडेंट्स को अपने यहां पढ़ाई के लिए हर साल सैकड़ों स्कॉलरशिप देता था। पिछले एक दशक में भारत सरकार अफगानी स्टूडेंट्स के लिए कम से कम 1,000 सालाना छात्रवृत्ति प्रायोजित कर चुकी है। इसके अलावा बहुत से अफगानी छात्र खुद अपने खर्चे पर भी भारत में पढ़ाई करने आते हैं।

बता दें कि काबुल में भारतीय दूतावास को हाल ही में फिर से खोला गया है लेकिन अभी केवल निचले स्तर के राजनयिक ही वहां नियुक्त हैं। यह दूतावास अफगानिस्तान में मानवीय सहायता के वितरण में समन्वय के लिए खोला गया है। भारत ने अभी तक तालिबान सरकार को आधिकारिक राजनयिक मान्यता नहीं दी है।