सैन फ्रांसिस्को में शिव राज ने क्यों छेड़ी रिकॉल की मुहिम, कामयाब भी हो गए!

सैन फ्रांसिस्को में पब्लिक स्कूल के छात्रों के अभिभावक शिव राज का कहना है कि यहां के अपने बच्चों को शिक्षित करने की अपनी जिम्मेदारी को को हम छोड़ नहीं सकते हैं। इसलिए यहां के लोगों ने विद्रोह का रास्ता अपनाया।

सैन फ्रांसिस्को में शिव राज ने क्यों छेड़ी रिकॉल की मुहिम, कामयाब भी हो गए!
Photo: Washington Post

सैन फ्रांसिस्को के मतदाताओं ने मंगलवार 15 फरवरी को शिक्षा बोर्ड के तीन सदस्यों को निष्कासित कर दिया। इस रिकॉल चुनावी अभियान की अगुवाई भारतीय मूल के शिव राज ने की। इस स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावक स्कूल की नीतियों से परेशान थे। एक तो कोरोना महामारी ने लोगों का जीवन तबाह कर दिया। ऐसी परिस्थिति में स्कूल खुल नहीं रहे थे और बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही थी। दूसरी बात, स्कूल के नस्लभेद संबंधी की नीतियों को लेकर अभिभावकों में नाराजगी थी।

पिछले शैक्षणिक वर्ष में स्कूलों को फिर से खोलने में बोर्ड की असफलता से निराश लोगों द्वारा वापस बुलाने की मुहिम शुरू की गई थी। यह रिकॉल चुनाव सैन फ्रांसिस्को जैसे उदार शहर में अभिभावकों की गहरी नाराजगी का प्रतीक बताया जा रहा हे। कोरोना महामारी के दौर में बच्चों की पढ़ाई बाधित होने से लोग बेचैन थे। लोगों की यह नाराजगी आने वाले समय में डेमोक्रेट्स के लिए एक गंभीर खतरे की घंटी बताई जा रही है। 70 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं ने वापस बुलाने के चुनावी अभियान का समर्थन किया। बोर्ड के जिन सदस्यों को अपना पद गंवाना पड़ा उनमें बोर्ड के अध्यक्ष गैब्रिला लोपेज, सदस्य एलिसन कॉलिंस और फाउगा मोलिगा शामिल हैं। मौजूदा स्कूल बोर्ड के अन्य चार सदस्यों को वापस नहीं बुलाया जा सका, क्योंकि वे हाल ही में चुने गए थे।