गोल्डन वीजा का इस्तेमाल कर दुबई जाकर क्यों बस रहे हैं भारतीय उद्यमी?

अमेरिका और चीन के बाद भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बनकर उभर रहा है। ऐसे में व्यवसाय स्थापित करने में आसानी, व्यक्तिगत आयकर पर पूर्ण छूट और एक मित्रवत नीतिगत माहौल से आकर्षित होकर भारत के कई तकनीकी उद्यमी यूएई के गोल्डन वीजा कार्यक्रम का उपयोग कर प्रवास कर रहे हैं।

गोल्डन वीजा का इस्तेमाल कर दुबई जाकर क्यों बस रहे हैं भारतीय उद्यमी?
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संयुक्त अरब अमीरात इस साल दुनिया में सबसे बड़ी संख्या में करोड़पतियों को आकर्षित कर रहा है। ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर, इजराइल, स्विटजरलैंड, यूएसए, कनाडा, न्यूजीलैंड, यूके और अन्य जैसे बड़े देशों को पीछे छोड़ते हुए संयुक्त अरब अमीरात में 2022 के भीतर लगभग 4,000 करोड़पति प्रवास करेंगे। हेनले ग्लोबल सिटीजन्स रिपोर्ट ने यह अनुमान लगाया है।

Emirates airline planes on the runway at Dubai airport.
रिपोर्ट के मुताबिक जिन 10 देशों से सबसे अधिक प्रवास आने का अनुमान है उनमें रूस, चीन, भारत, हांगकांग, यूक्रेन, ब्राजील, यूके, मैक्सिको, सऊदी अरब और इंडोनेशिया हैं। Photo by the blowup / Unsplash

रिपोर्ट के मुताबिक जिन 10 देशों से सबसे अधिक प्रवास आने का अनुमान है उनमें रूस, चीन, भारत, हांगकांग, यूक्रेन, ब्राजील, यूके, मैक्सिको, सऊदी अरब और इंडोनेशिया हैं। इसके अलावा रिपोर्ट में भविष्यवाणी यह भी की गई है कि इस साल कम से कम 8,000 सुपर रिच भारतीय भारत से बाहर चले जाएंगे और उनके शीर्ष दो पसंदीदा गंतव्य दुबई और सिंगापुर हैं। बता दें कि भारत दोहरी पासपोर्ट व्यवस्था की अनुमति नहीं देता है और अधिकांश पूरी तरह से नागरिकता के बजाय निवास परमिट या एकाधिक प्रवेश और लंबी अवधि के वीजा की तलाश में हैं।

Dubai Coastline
यूएई इस वक्त 1,00,000 गोल्डन वीजा की पेशकश कर रहा है जो उद्यमियों और प्रौद्योगिकी निवेशकों को देश में 10 साल तक रहने की अनुमति देता है। Photo by Christoph Schulz / Unsplash

ऐसे में बड़ी बात यह है कि संयुक्त अरब अमीरात ही क्यों

अमेरिका और चीन के बाद भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बनकर उभर रहा है ऐसे में भी व्यवसाय स्थापित करने में आसानी, व्यक्तिगत आयकर पर पूर्ण छूट और एक मित्रवत नीतिगत माहौल से आकर्षित होकर भारत के कई तकनीकी उद्यमी यूएई के गोल्डन वीजा कार्यक्रम का उपयोग करके संयुक्त अरब अमीरात में प्रवास कर रहे हैं। दुबई में स्टार्टअप समुदाय में 30 फीसदी से अधिक भारतीय हैं और शहर भारत से बहुत अधिक तकनीकी प्रतिभाओं को आकर्षित करना चाहता है।

यूएई इस वक्त 1,00,000 गोल्डन वीजा की पेशकश कर रहा है, जो उद्यमियों और प्रौद्योगिकी निवेशकों को देश में 10 साल तक रहने की अनुमति देता है। यह वीजा नियमित वीजा से अधिक समय तक देश में रहने की अनुमति देता है और यहां तक ​​​​कि स्टार्टअप्स को फंडिंग खोजने में मदद करने के लिए एक राष्ट्रीय लघु-व्यवसाय कार्यक्रम भी यूएई में स्थापित किया गया है।

जीवन शैली के मामले में यूएई एक प्रसिद्ध लक्जरी हब है जिसमें टॉप-एंड अपार्टमेंट और विला और विश्व स्तरीय शॉपिंग मॉल और रेस्तरां हैं। Photo by mahsa a / Unsplash

यह गोल्डन वीजा क्या है?

पांच या 10 वर्षों के लिए जारी किया गया गोल्डन वीजा अनिवार्य रूप से संयुक्त अरब अमीरात के लिए एक दीर्घकालिक निवास वीजा है। यह निवेशकों, उद्यमियों, विशेष प्रतिभा वाले लोगों और विज्ञान, संस्कृति और कला के क्षेत्र में शोधकर्ताओं के साथ-साथ होनहार वैज्ञानिक क्षमताओं वाले छात्रों को पेश किया जाता है। वीजा विदेशियों को संयुक्त अरब अमीरात में उनके व्यवसाय के 100 फीसदी स्वामित्व के साथ राष्ट्रीय प्रायोजक के बिना रहने, काम करने और अध्ययन करने की अनुमति देता है।

गोल्डन वीजा का लाभ

नए नियमों के तहत उद्यमी/निवेशक संयुक्त अरब अमीरात में एक स्टार्ट-अप में निवेश करके 10 साल का निवास वीजा प्राप्त कर सकते हैं। हालांकि स्टार्ट-अप को संयुक्त अरब अमीरात में छोटे और मध्यम उद्यमों की श्रेणी में पंजीकृत होना जरूरी है और इसका वार्षिक राजस्व लगभग 2.1 करोड़ रुपये से कम नहीं होना चाहिए। इसके अलावा किसी भी स्टार्ट-अप के संस्थापक या सह-संस्थापक भी गोल्डन रेजिडेंस वीजा के लिए आवेदन कर सकते हैं यदि उन्होंने अपनी कंपनी को लगभग 14.5 करोड़ रुपये में बेचा है।

दुबई में बसने का सबसे बड़ा लाभ

शुरुआत करने के लिए दुबई में व्यवसाय शुरू करने वालों और चलाने वालों के लिए कम टैक्स है। आवासीय संपत्ति लीज पर लेने वालों को 5 फीसदी की निश्चित दर से टैक्स देना होता है जबकि वाणिज्यिक अचल संपत्ति को लीज पर लेने पर 10 फीसदी टैक्स लगाया जाता है। ऐसे में भारतीय स्टार्टअप संस्थापकों के दुबई जाने के मुख्य कारणों में से एक यह है कि उन्हें व्यवसाय स्थापित करते समय स्टार्टअप पर लगने वाला टैक्स भारत की तुलना में काफी कम देना होता है।

इसके अलावा दुबई में व्यक्ति रोजगार, अचल संपत्ति, इक्विटी निवेश या अन्य व्यक्तिगत आय से उनकी आय पर टैक्स के अधीन नहीं हैं। हालांकि वह संयुक्त अरब अमीरात के व्यापार या व्यवसाय से संबंधित नहीं होना चाहिए। व्यवसायों को पूंजीगत लाभ और शेयरहोल्डिंग से प्राप्त लाभांश पर टैक्स का भुगतान करने से भी छूट दी गई है।

बेहतर लाइफस्टाइल और सुरक्षा की गारंटी

अमीर व्यक्तियों के लिए संयुक्त अरब अमीरात में जाने के कई कारण हैं। जीवन शैली के मामले में यूएई एक प्रसिद्ध लक्जरी हब है जिसमें टॉप-एंड अपार्टमेंट और विला और विश्व स्तरीय शॉपिंग मॉल और रेस्तरां हैं। बच्चों के लिए उत्कृष्ट अंतरराष्ट्रीय स्कूल हैं तो वॉटर स्पोटर्स, नौकायन और छुट्टियों के दिनों में समुद्र तटों पर कई एक्टिविटी का आनंद लिया जा सकता है।