ऋषि सुनक की ​पत्नी को क्यों मिला Non-Dom स्टेटस, आखिर है क्या यह?

अक्षता मूर्ति कथित तौर पर भारत में स्थित अपने पिता के आईटी व्यवसाय में अपनी हिस्सेदारी से वार्षिक लाभांश के रूप में 11.5 मिलियन पाउंड यानी 115 करोड़ रुपये कमाती हैं। उनके नॉन डोम स्टेटस का मतलब है कि उन्हें इस कमाई पर यूके में टैक्स का भुगतान नहीं करना पड़ेगा।

ऋषि सुनक की ​पत्नी को क्यों मिला Non-Dom स्टेटस, आखिर है क्या यह?

ब्रिटेन के वित्तमंत्री ऋषि सुनक इन दिनों सवालों के घेरे में हैं। उन पर आरोप लग रहे हैं कि उनकी धर्मपत्नी अक्षता मूर्ति ने यूके के एक कानून नॉन-डोम स्टेटस की आड़ में टैक्स चुराया है। दरअसल करोड़पति अक्षता मूर्ति को नाेन-डोम (Non-Dom) का दर्जा प्राप्त है जो यूके के बाहर की कमाई पर उसे टैक्स से छूट देता है।

आखिर है क्या नॉन-डोम (Non-Dom) स्टेटस?

नॉन-डोम ब्रिटेन में एक टैक्स स्टेटस है जो फ्रांसीसी क्रांति के बाद से आया है। यह एक ऐसे व्यक्ति को अनुमति देता है जो किसी अन्य देश में पैदा हुआ हो या यदि उसके माता-पिता किसी अन्य देश से हैं। नॉन डोम स्टेटस यूके में केवल उनकी यूके आय पर टैक्स का भुगतान करने की अनुमति देता है। इस प्रणाली से धनी विदेशी अप्रवासियों को यूके में रहने के सभी लाभों का आनंद लेने की अनुमति दी जाती है, यह होते हुए भी कि वह यूके में कम टैक्स दे रहे हैं और उनकी विदेश यानी अन्य देश में आय अधिक है।

कई बार पूरी तरह से टैक्स का भुगतान करने से बचने के लिए प्रवासी या ब्रिटिश नागरिक इसका दुरुपयोग करते हैं। जबकि सैद्धांतिक रूप में उन्हें उन देशों में टैक्स का भुगतान करने की आवश्यकता होती है, जहां से वह आय अर्जित करते हैं। एक तथ्य यह है कि वे यूके में रहते हैं। ऐसे में नॉन डोम के माध्यम से उनके लिए टैक्स बचाना आसान हो जाता है और अंत में बहुत कम या थोड़ा भी टैक्स चुकाना नहीं होता। नतीजा यह है कि ब्रिटेन में रहने वाले कई सबसे धनी परिवार ब्रिटेन में प्रत्यक्ष कराधान में योगदान नहीं दे रहे हैं।

साल 2015 में इस प्रणाली में सुधार किया गया था और यह और अधिक जटिल हो गई थी। नॉन-डोम अब 15 साल तक सीमित है। इन सुधारों की वजह से नॉन-डोम स्थिति का दावा करने वाले लोगों की संख्या में काफी कमी भी आई है। अब केवल बहुत धनी लोग ही ऐसा करते हैं। कई लोग 15 साल के बाद पांच साल के लिए यूके से बाहर चले जाते हैं और फिर वापस लौटते हैं और 15 साल के नॉन-डोम स्टेटस का दावा करते हैं।

अक्षता मूर्ति कथित तौर पर भारत में स्थित अपने पिता के आईटी व्यवसाय में अपनी हिस्सेदारी से वार्षिक लाभांश के रूप में 11.5 मिलियन पाउंड यानी 115 करोड़ रुपये कमाती हैं। उनके नॉन डोम स्टेट्स का मतलब है कि उन्हें इस कमाई पर यूके में टैक्स का भुगतान नहीं करना पड़ेगा। यदि कोई व्यक्ति इतनी कमाई करता है और उसका यूके में नॉन-डोम स्टेटस नहीं है तो वह लगभग 5 मिलियन पाउंड यानी 50 करोड़ रुपये का टैक्स जमा करेगा। इसके अलावा उसे राष्ट्रीय बीमा योगदान में भी ढाई लाख पाउंड यानी ढाई करोड़ रुपये का भुगतान करना होगा।

जानकारी के लिए आपको बता दें कि यूके सांसदों को नॉन-डोम होने से प्रतिबंधित कर दिया गया है लेकिन पति-पत्नी इस तरह के किसी भी प्रतिबंध के अधीन नहीं हैं। साल 2015 में टोरी सरकार द्वारा किए गए संशोधनों के अनुसार नॉन-डोम स्थिति का उद्देश्य विदेशों से उन लोगों का समर्थन करना है जो यूके आते हैं लेकिन स्थायी रूप से यहां रहने का इरादा नहीं रखते हैं।