वारेन बफेट के इस चेले ने कहा, क्रिप्टोकरेंसी का सबसे बुरा अभी आना बाकी है'

पबराई ने निवेशकों को क्रिप्टो संपत्ति के बारे में चेतावनी देते हुए कहा कि उनका निवेश आने वाले वक्त में 'एक बड़ा शून्य' यानी बिना किसी प्रॉफिट जैसा दिखाई देगा। भारत में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास निवेशकों को जोखिम भरे डिजिटल सिक्कों में निवेश के खिलाफ चेतावनी देते रहे हैं।

वारेन बफेट के इस चेले ने कहा, क्रिप्टोकरेंसी का सबसे बुरा अभी आना बाकी है'

भारत के बेहतरीन निवेशक और वॉरेन बफेट के भारतीय मूल के शिष्य मोहनीश पबराई ने एक बार फिर क्रिप्टोकरेंसी की आलोचना की है। हाल ही में उन्होंने एक भारतीय मीडिया को साक्षात्कार देते हुए क्रिप्टोकरेंसी के निवेशकों को चेतावनी दी कि मार्केट में करेक्शन होने के बावजूद डिजिटल करेंसी के लिए सबसे खराब स्थिति अभी तक नहीं आई है।

साल 2022 में सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन की कीमत 47,733 डॉलर (37,15,465.12 रुपये) से 36.95 फीसदी गिरकर 30,097.80 डॉलर (2342767.61 रुपये) हो गई है। वहीं क्रिप्टो निवेश के लिए प्रतिकूल दिखाई देने वाले चल रहे मैक्रो-ट्रेंड के बीच अन्य क्रिप्टो को भी एक महत्वपूर्ण करेक्शन का सामना करना पड़ा है।

भारत में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास निवेशकों को जोखिम भरे डिजिटल सिक्कों में निवेश के खिलाफ चेतावनी देते रहे हैं। Photo by Raphael Wild / Unsplash

मोहनीश पबराई ने साक्षात्कार में निवेशकों को क्रिप्टो संपत्ति के बारे में चेतावनी देते हुए कहा कि उनका निवेश आने वाले वक्त में 'एक बड़ा शून्य' यानी बिना किसी प्रॉफिट जैसा दिखाई देगा। बता दें कि पबराई काफी वक्त से क्रिप्टो निवेशकों के खिलाफ सक्रिय रूप से आवाज उठा रहे हैं। इससे पहले उन्होंने बताया था कि कैसे नई क्रिप्टोकरेंसी इतनी तेजी से बनाई जा रही है। पबराई ने दिसंबर 2021 में एवरीथिंग मनी पॉडकास्ट में अपनी उपस्थिति के दौरान कहा था कि हर घंटे नई मुद्राएं बनाई जा रही हैं।

बीते दिनों क्रिप्टोकरेंसी लूना के लिए भी उन्होंने भविष्यवाणी की थी। लूना जो कुल समय पहले ही 400 अरब डॉलर के मार्केट कैप पर थी उसकी कीमत में पिछले महीने में अचानक से गिरावट देखी गई है। लूना एक वक्त में शीर्ष 10 सबसे मूल्यवान क्रिप्टोकरेंसी में स्थान हासिल कर चुकी थी। लूना अप्रैल 2022 में लगभग 120 डॉलर (9340.62 रुपये) के अपने सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया था। लेकिन हाल ही में उसकी कीमत 1 डॉलर (77.84 रुपये) से भी नीचे गिर गई है। कुछ इसी तरह अन्य ​क्रिप्टोकरेंसी में भी भारी गिरावट देखी गई है।

जानकारी के लिए आपको बता दें कि भारत में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास निवेशकों को जोखिम भरे डिजिटल सिक्कों में निवेश के खिलाफ चेतावनी देते रहे हैं। उन्होंने कहा था कि क्रिप्टोकरेंसी अर्थव्यवस्था में भारी वित्तीय स्थिरता जोखिम पैदा करती है।

वारेन बफेट कौन हैं: वर्ष 1930 को ओमाहा नेब्रास्का में पैदा हुए बफेट एक अमेरिकी निवेशक, कारोबारी व परोपकारी व्यक्तित्व हैं। उन्हें शेयर बाज़ार की दुनिया के सबसे महान निवेशकों में से एक माना जाता है। वह बर्कशायर हैथवे (Berkshire Hathaway) कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) और सबसे बड़े शेयर धारक भी हैं। फोर्ब्स (Forbes) पत्रिका उन्हें एक बार विश्व का सबसे अमीर व्यक्ति भी घोषित कर चुकी है।