विदेश में इतिहास-भारतीय संस्कृति की पढ़ाई, भारत अब नहीं देगा छात्रवृत्ति

विदेशों में भारतीय संस्कृति से जुड़े विषयों की पढ़ाई और अध्ययन करने पर अब भारत छात्रवृत्ति नहीं देगा। इसके पीछे सरकार का उद्देश्य भारतीय विश्वविद्यालयों में इन विषयों की पढ़ाई को बढ़ावा देना है।

विदेश में इतिहास-भारतीय संस्कृति की पढ़ाई, भारत अब नहीं देगा छात्रवृत्ति
प्रतीकात्मक फोटो 

विदेशी छात्रवृत्ति योजना (NOC) के अंतर्गत भारत अपने विद्यार्थियों को विदेश में भारतीय संस्कृति, इतिहास और सामाजिक अध्ययन की पढ़ाई से रोकने जा रहा है। सरकार ने इसको लेकर एक नीति भी जारी की है, जिसको लेकर विपक्षी पार्टियों, विद्यार्थियों और शिक्षाविदों में रोष है। हालांकि भारत सरकार ने अपना बचाव किया है और यह दलील दी है कि भारतीय संस्कृति पर अध्ययन और शोध भारतीय विश्वविद्यालयों में ज्यादा व्यवहारिक तरीके से हो सकते हैं।

सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने शनिवार को अपनी गाइड लाइन में संशोधन किया है जिसके तहत अब छात्र-छात्राएं छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत विदेशी विश्वविद्यालयों में भारतीय संस्कृति, इतिहास और सामाजिक अध्ययन के लिए आवेदन नहीं दे पाएंगे।  2022-23 सत्र के लिए आवेदन के नोटिफिकेशन सरकार की तरफ से जारी कर दिए गए हैं लेकिन इन विषयों को हटाए जाने से छात्रों में निराशा है।