वनिता गुप्ता का मानव अधिकारों की वकालत से एसोसिएट अटार्नी जनरल बनने तक का सफर

वनिता ने 28 साल की उम्र में NAACP यानी नेशनल एसोसिएशन फॉर द एडवांसमेंट ऑफ कलर्ड पीपल से बतौर लीगल डिफेंस फंड अपने करियर की शुरूआत की। अपनी इस सर्विस के दौरान उन्होंने टेक्सास में अश्वेत अमेरिकियों पर लगे 38 ड्रग्स के फर्जी मामलों के खिलाफ सफलतापूर्वक लड़ाई भी लड़ी है।

वनिता गुप्ता का मानव अधिकारों की वकालत से एसोसिएट अटार्नी जनरल बनने तक का सफर

अमेरिका की पहली इंडियन अमेरिकन एसोसिएट अटार्नी जनरल बनीं वनिता गुप्ता मानव अधिकारों के हितों में काम करने वाली एक वकील भी रह चुकी हैं। डिपार्टमेंट आफ जस्टिस में थर्ड रैंक हासिल करने वाली वनिता गुप्ता को प्रेजीडेंट जो बाइडेन ने 7 जनवरी 2021 को अपने आफिस के लिए नॉमिनेट किया था, जिसे यूएस सीनेट की ओर से भी 51 में से 49 का भारी समर्थन मिला।

वनिता इतनी बड़ी जीत के बाद एसोसिएट अटार्नी जनरल बनने में कामयाब हो पाईं। जीत हासिल करने के बाद जो बाइडेन ने वनिता गुप्ता को इस ऐतिहासिक जीत के लिए बधाई भी दी।