विश्वभर में पहचान बना रहे भारत के ये 5 एथनिक वियर ब्रांड्स

दुनिया भर के भारतीयों के लिए, भारतीय जातीय पहनावा अपनेपन की भावना लाता है। इस स्टोरी में पढ़िए पांच भारतीय ब्रांड्स के बारे में जो दुनिया भर में भारत के कलात्मक काम को ले जा रहे हैं।

विश्वभर में पहचान बना रहे भारत के ये 5 एथनिक वियर ब्रांड्स
Photo by Raden Prasetya / Unsplash

आप दुनिया के किसी भी हिस्से में क्यूं ना हों, भारतीय पहनावा हमेशा आपका ध्यान अपनी ओर खींच ही लेगा। डिजाइन, कढ़ाई और बुनाई की तकनीकें जो एक पारंपरिक पहनावे का हिस्सा हैं न केवल लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचती हैं बल्कि भारतीय परंपराओं और संस्कृति का भी प्रतिनिधित्व करती हैं। प्रत्येक भारतीय जातीय पहनावा अपना इतिहास, आकर्षण, विशेषताएं और सुंदरता साथ लेकर चलता है।

इतना ही नहीं पिछले कुछ वर्षों में नए रुझानों और डिजिटल माध्यमों में हुई बढ़ोतरी से वैश्विक एथनिक वियर बाजार में भी भारतीय ब्रांड्स को फायदा पहुंचा है। आइए नजर डालते हैं ऐसे ही पांच ब्रांड्स पर जो विश्व भर में भारतीय जातीय पहनावे की पहुंच बढ़ा रहे हैं।

1. शोभितम

दो बहनों अपर्णा और अंबिका थ्यागराज द्वारा शुरू किया गया शोभितम अपनी स्थापना के पीछे एक बहुत मजबूत भावना रखता है। अपर्णा बताती हैं कि अमेरिका में पहले भारतीय परिधान खरीदना बिल्कुल भी संतोषजनक नहीं था और हमेशा उन्हें भारतीय परिधानों की कम विविधता और गुणवत्ता से निराश होना पड़ता था। साल 2018 में अपने भारत के दौरों के दौरान अपर्णा एक जरदोसी कारीगर के साथ काम कर रहीं थीं जो एक कार्यक्रम के लिए उनकी और अंबिका की साड़ियां डिजाइन कर रहा था। उस कारीगर ने सुझाव दिया कि अपर्णा एक बुटीक शुरू करें और वह उनके साथ काम करेगा। बस फिर क्या था? दोनों बहनों ने 2019 में भारतीय परिधानों को विश्व स्तर तक ले जाने के लिए शोभितम की शुरुआत की।

करीब 15 साड़ियों से शुरुआत करने के बाद आज शोभितम की पहुंच 30 देशों तक है। कश्मीर में सोजनी, उत्तर प्रदेश में चिकनकारी, राजस्थान में डब्बू, ओडिशा में इकत, मणिपुर में मोइरान फी, केरल में पेन कलमकारी समेत कई तरह की बुनाई विधाओं के साथ यह ब्रांड भारत के 16 शहरों में 340 से अधिक बुनकरों और कारीगरों से जुड़ा हुआ है। पिछले दो वर्षों में इसने 300 प्रतिशत से अधिक वार्षिक वृद्धि देखी है।

2. ओखाई

ओखाई की स्थापना टाटा ग्रुप में 2007 से काम कर रहीं कीर्ति पूनिया ने तब की जब वह टाटा केमिकल्स सोसाइटी फॉर रूरल डेवलपमेंट द्वारा ग्रामीण महिला कारीगरों के समर्थन के लिए वर्ष 2008 में ओखाई सेंटर फॉर एम्पावरमेंट के लॉन्च के लिए भारत के मीठापुर गईं थीं। उन महिला कारीगरों के उत्पाद इतने आकर्षक थे कि उन्हें लगा कि इस कला को पूरी दुनिया तक पहुंचाना जरूरी है। तब ही कीर्ति ने ओखाई की पूर्णकालिक जिम्मेदारी संभाली और ब्रांड के प्रमुख के रूप में शामिल हुईं। 2015 में उन्होंने ओखाई वेबसाइट लॉन्च की। धीरे-धीरे उत्पाद टाटा क्लिक, अमेजॅन, नायका और कई अन्य प्लेटफार्मों पर सूचीबद्ध होने लगे।

ओखाई का भारत के मुंबई शहर में एक कार्यालय है, लेकिन बिक्री कार्यालय, डिजाइन स्टूडियो और गोदाम भारत के ही अहमदाबाद में स्थित हैं। ब्रांड द्वारा पूर्णकालिक आधार पर कुल लगभग 50 लोग कार्यरत हैं। ओखाई का उत्पाद पूरे भारत में बिकता है और अमेरिका, सिंगापुर, यूके, जर्मनी, दुबई और नीदरलैंड में भी इसके कई ग्राहक मौजूद हैं। ओखाई ने न्यूयॉर्क शहर में एक भौतिक स्टोर भी लॉन्च किया है।