विश्‍व में धाक जमा रही है हिंदी, प्रवासी भारतीयों का महत्वपूर्ण योगदान

इंटरनेट के इस युग ने हिंदी ने वैश्विक धाक जमाई है। एक अध्ययन के अनुसार हिंदी सामग्री की खपत 94% तक बढ़ी है। हर पांचवां व्यक्ति हिंदी में इंटरनेट प्रयोग करता है। फेसबुक, ट्विटर, वाट्सएप आदि में इसे लिख सकते हैं। इसके लिए गूगल हिंदी इनपुट, लिपिक डॉट इन, जैसे अनेक सॉफ्टवेयर और स्मार्टफोन एप्लीकेशन हैं।

विश्‍व में धाक जमा रही है हिंदी, प्रवासी भारतीयों का महत्वपूर्ण योगदान

हिंदी भारत की राजभाषा है। सांस्कृतिक और पारंपरिक महत्व को समेट हिंदी अब विश्व में लगातार अपना विस्तार कर रही है। देश-विदेश में इसे जानने-समझने वालों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। हिंदी के विस्तार में प्रवासी भारतीयों का विशेष योगदान है। विदेश में अनेक पत्र-पत्रिकाएं व वेबसाइट लगभग नियमित रूप से हिंदी में प्रकाशित हो रही हैं।

दुनियाभर में हिंदी प्रेमियों के कारण ही ये भाषा दुनिया की तीसरे नंबर की भाषा बन गई है। आज दुनिया भर में बोली जाने वाली सभी भाषाओं में हिंदी तीसरी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है।