रामायण की शपथ लेकर अमेरिका की मजिस्ट्रेट बनीं जानकी, चल रही है चर्चाएं

जानकी शर्मा का जन्म और पालन-पोषण भारत में हुआ और वह बाद में नेब्रास्का के लिंकन चली गईं थीं। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से ताल्लुक रखने वाली जानकी के परिवार में उनके पिता, मां और उनके दो भाई हैं जो साल 1995 में अहमदाबाद शिफ्ट हो गए थे।

रामायण की शपथ लेकर अमेरिका की मजिस्ट्रेट बनीं जानकी, चल रही है चर्चाएं

अमेरिका के दक्षिण डकोटा में सातवें न्यायिक सर्किट के लिए पूर्णकालिक मजिस्ट्रेट के रूप में हाल ही में नियुक्त की गई न्यायिक अधिकारी जानकी शर्मा भारतीय धर्मग्रंथ रामायण की शपथ लेने के बाद से चर्चा में हैं। हालांकि कम ही लोग जानते हैं कि शर्मा की जड़ें अहमदाबाद में हैं।

मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से ताल्लुक रखने वाली जानकी के परिवार में उनके पिता, मां और उनके दो भाई हैं जो साल 1995 में अहमदाबाद शिफ्ट हो गए थे। जानकी ने अहमदाबाद में आठवीं से 12वीं कक्षा तक पढ़ाई की थी और फिर 2001 में वह अमेरिका चली गईं। उनका परिवार अभी भी अहमदाबाद में ही रहता है।

जानकी शर्मा की नियुक्ति की घोषणा करने वाले सातवें न्यायिक सर्किट के पीठासीन न्यायाधीश क्रेग ए फीफले ने अपने एक बयान में कहा कि शर्मा 2017 से पेनिंगटन काउंटी पब्लिक डिफेंडर के कार्यालय में कार्यरत हैं और इससे पहले उन्होंने नेब्रास्का के ओमाहा में नेब्रास्का जिले के लिए यूनाइटेड स्टेट्स डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के लिए मजिस्ट्रेट जज थॉमस डी थाल्केन के लिए टर्म लॉ क्लर्क के रूप में काम किया था।

साल 2016 में जानकी ने नेब्रास्का विश्वविद्यालय से लॉ कॉलेज से कानून की डिग्री ली थी। जानकी शर्मा का जन्म और पालन-पोषण भारत में हुआ और वह बाद में नेब्रास्का के लिंकन चली गईं थीं, जहां उन्होंने डोन विश्वविद्यालय से विज्ञान स्नातक और प्रबंधन में मास्टर ऑफ आर्ट्स की डिग्री हासिल की थी।

साउथ डकोटा के रैपिड सिटी में रहने वालीं शर्मा ने एक बयान में कहा कि मैं इस नियुक्ति को प्राप्त करने के लिए बहुत सम्मानित महसूस कर रही हूं और मैं सातवें न्यायिक सर्किट के लोगों की मजिस्ट्रेट न्यायाधीश के रूप में सेवा करने के लिए उत्सुक हूं। वहीं भारतीय समाचारपत्र टीओआई से बात करते हुए जानकी शर्मा के भाई त्रिभुवन शर्मा ने कहा कि उनका परिवार भगवान राम के महाकाव्य के पाठ से जुड़ा रहा है। हम रामायण सुनते हुए बड़े हुए हैं क्योंकि हम मुजफ्फरनगर के श्रीराम दरबार परिवार से हैं। हमारे दादा जगमोहन महाराज और हमारे पिता विश्वमोहन शर्मा रामायण के पाठ करते थे। जानकी बचपन से ही रामायण का पाठ करती रही हैं।

त्रिभुवन शर्मा ने कहा कि जानकी का रामायण से गहरा लगाव है और इसीलिए उन्होंने मजिस्ट्रेट के रूप में शपथ लेने के लिए रामायण को पवित्र पुस्तक के रूप में चुना। बता दें कि त्रिभुवन शर्मा 2021 में पिता बने थे उस दौरान आखिरी बार जानकी अहमदाबाद आई थीं। त्रिभुवन ही थे जो पवित्र ग्रंथ जानकी शर्मा के पास लाए थे जिस पर उन्होंने शपथ ली थी।