भारत में सौर पैनल निर्माण के लिए अपनी कंपनियों की मदद करेगा अमेरिका

भारत सौर ऊर्जा के मामले में फिलहाल दुनिया में तेजी से आगे बढ़ने वाला देश है। देश में खाना पकाने का स्वच्छ ईंधन आठ करोड़ से अधिक परिवार तक पहुंचाया गया। यह वैश्विक स्तर पर स्वच्छ ईंधन का सबसे बड़ा कार्यक्रम बन गया है।

भारत में सौर पैनल निर्माण के लिए अपनी कंपनियों की मदद करेगा अमेरिका

अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय विकास वित्तीय कॉर्पोरेशन (डीएफसी) ने अमेरिका की सौर निर्माण कंपनियों के लिए 50 करोड़ डॉलर (3,77,16,75,000 रुपये) के वित्तपोषण की घोषणा की है। ये कंपनियां भारत में सौर पैनल निर्माण क्षमता को बढ़ावा देगी। दरअसल, वर्तमान में चीन वैश्विक उत्पादन के साथ सौर पैनलों के उत्पादन को नियंत्रित करता है।

चीन के इस प्रभुत्व से भारत और अमेरिका जैसे देश परेशान हैं और वे अपने सौर ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। इसका मतलब यह है कि इस बहाने अमेरिका की कोशिश सौर ऊर्जा में चीन की चुनौतियों से मुकाबला करने की है। गौरतलब है कि नवंबर 2017 में अमेरिका, भारत, ऑस्ट्रेलिया और जापान ने क्वॉड को एक नया आकार दिया। इसके उद्देश्यों को व्यापक बनाया। इसके तहत एक ऐसे तंत्र का निर्माण किया जिसका उद्देश्य धीरे-धीरे एक नियम-आधारित अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था स्थापित करना है।