स्वच्छ ऊर्जा के लिए भारत को मिलेगी मदद! भारतीय अमेरिकी ने पेश किया बिल

भारतीय-अमेरिकी कांग्रेसी अमी बेरा ने कहा कि दुनिया के सबसे पुराने और सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत के पास हमारी स्वच्छ ऊर्जा साझेदारी को मजबूत करने और संयुक्त रूप से जलवायु परिवर्तन के साझा खतरे का मुकाबला करने का अवसर है।

स्वच्छ ऊर्जा के लिए भारत को मिलेगी मदद! भारतीय अमेरिकी ने पेश किया बिल
Photo by Matthew Henry / Unsplash

दो प्रभावशाली अमेरिकी सांसदों ने अमेरिकी कांग्रेस में भारत को स्वच्छ ऊर्जा अभियान में मदद करने के लिए काफी अहम बिल पेश किया है। इस बिल में स्वच्छ ऊर्जा में भारत के ट्रांजिशन फेज का समर्थन करने के लिए संसाधन मुहैया कराने का प्रावधान है। इस बिल को लाने वालों में एक अमेरिकी कांग्रेसी स्कॉट पीटर्स हैं तो दूसरे भारतीय अमेरिकी एमी बेरा हैं। दोनों कांग्रेसी सांसदों ने भारत के साथ स्वच्छ ऊर्जा और जलवायु सहयोग के क्षेत्र में प्राथमिकता अधिनियम, क्लीन एनर्जी टेक्नोलॉजी पर सहयोग के लिए प्राथमिक मंच के रूप में काम करने के लिए यूएस-भारत जलवायु और स्वच्छ ऊर्जा एजेंडा 2030 साझेदारी स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है।

अमेरिकी कांग्रेसी स्कॉट पीटर्स और भारतीय अमेरिकी एमी बेरा ने पेश किया बिल।

बता दें कि एमी बेरा एशिया, प्रशांत और मध्य एशिया पर हाउस फॉरेन अफेयर्स उपसमिति के अध्यक्ष हैं। यह विधेयक क्लीन एनर्जी टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में रिसर्च और इनोवेशन में अमेरिका-भारत भागीदारी को बढ़ावा देने, भारत में ग्रिड सुधार और ऊर्जा दक्षता के लिए तकनीकी सहायता प्रदान करने और भारत में नए अक्षय ऊर्जा स्रोतों के निर्माण के लिए प्रोत्साहन प्रदान करने का प्रयास करता है।

अमेरिकी सांसद पीटर्स ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग के बिना हमारे पास जलवायु परिवर्तन से लड़ने का मौका नहीं है। भारत में मौजूदा चुनौतियां इस बात पर प्रकाश डालती हैं कि जलवायु परिवर्तन को कम करने के लिए अनुसंधान और स्वच्छ प्रौद्योगिकियों में लक्षित निवेश कैसे भारत जैसे भागीदारों के साथ अपने संबंधों को गहरा कर सकता है।

वहीं, भारतीय-अमेरिकी कांग्रेसी अमी बेरा ने कहा कि दुनिया के सबसे पुराने और सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत के पास हमारी स्वच्छ ऊर्जा साझेदारी को मजबूत करने और संयुक्त रूप से जलवायु परिवर्तन के साझा खतरे का मुकाबला करने का अवसर है। यह कानून स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों पर द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देने और विद्युत ग्रिड तक भारतीय नागरिकों की पहुंच बढ़ाने के मौजूदा प्रयासों को बढ़ाने के लिए यूएस-भारत जलवायु और स्वच्छ ऊर्जा साझेदारी स्थापित करेगा। मुझे भारत के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करने के लिए अपने अच्छे दोस्त प्रतिनिधि पीटर्स के साथ काम करने पर गर्व है।