कारोबार में चीन को इस तरह मिलकर पीछे धकेल रहे हैं अमेरिका और भारत

2013-14 से 2017-18 तक चीन भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार था। आने वाले वर्षों में भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार में और भी अधिक वृद्धि होने की उम्मीद है क्योंकि दोनों देश आर्थिक संबंधों को मजबूत करने पर काम कर रहे हैं।

कारोबार में चीन को इस तरह मिलकर पीछे धकेल रहे हैं अमेरिका और भारत

भारत और अमेरिका ने व्यापार संबंधों को मजबूत बनाते हुए वित्त वर्ष 2021-22 में चीन को पीछे धकेल दिया है। दरअसल अमेरिका वित्त वर्ष 2021-22 में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार बनकर उभरा है। दोनों देशों ने इस वित्त वर्ष में 119.42 बिलियन डॉलर यानी लगभग साढे 9 लाख करोड़ रुपये का द्विपक्षीय व्यापार किया है जबकि दोनों देशों के बीच 2020-21 में यह 80.51 बिलियन डॉलर (लगभग साढे छह लाख करोड़ रुपये) था।

2021-22 में अमेरिका को भारत ने 76.33 बिलियन डॉलर (लगभग 6 लाख करोड़ रुपये) का निर्यात किया जो 2020-21 में 51.62 बिलियन डॉलर (लगभग 4 लाख करोड़ रुपये) था।

वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों से पता चलता है कि चीन के साथ वित्त वर्ष 2021-22 में ​व्यापार 115.42 बिलियन डॉलर (लगभग 9 लाख करोड़ रुपये) रहा। हालांकि चीन और भारत के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2020-21 में अमेरिका से 86.4 बिलियन डॉलर (लगभग 6 लाख 70 हजार करोड़ रुपये) ज्यादा था। डेटा से पता चलता है कि 2021-22 में अमेरिका को भारत ने 76.33 बिलियन डॉलर (लगभग 6 लाख करोड़ रुपये) का निर्यात किया जो 2020-21 में 51.62 बिलियन डॉलर (लगभग 4 लाख करोड़ रुपये) था। वहीं आयात 2020-21 में 29 बिलियन डॉलर (2 लाख 25 हजार करोड़ रुपये) से बढ़कर 43.31 बिलियन डॉलर (3 लाख 35 हजार करोड़ रुपये) हो गया।

जबकि भारत को चीन की ओर से निर्यात पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले थोड़ा ही बढ़ा। भारत ने 21.18 बिलियन डॉलर (1 लाख 63 हजार करोड़ रुपये) का निर्यात किया था जोकि 2021-22 में बढ़कर 21.25 बिलियन डॉलर (1 लाख 65 हजार करोड़ रुपये) हो गया। वहीं चीन का आयात 2020-21 में 65.21 बिलियन डॉलर (5 लाख करोड़ रुपये) से बढ़कर 94.16 बिलियन डॉलर (7 लाख 35 हजार करोड़ रुपये) हो गया। आने वाले वर्षों में भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार में और भी अधिक वृद्धि होने की उम्मीद है क्योंकि दोनों देश आर्थिक संबंधों को मजबूत करने पर काम कर रहे हैं।

बता दें​ कि 2013-14 से 2017-18 तक चीन भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार था। इसके बाद 2020-21 में भी चीन सबसे बड़े व्यापारिक भागीदार के रूप में उभरा। हालांकि इस बीच यूएई भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बन गया था। वित्त वर्ष 2021-22 में संयुक्त अरब अमीरात के साथ भारत का द्विपक्षीय व्यापार 72.8 बिलियन डॉलर (5 लाख 60 हजार करोड़ रुपये) था जो भारत के तीसरे सबसे बड़े व्यापारिक भागीदार के रूप में है। यूएई को निर्यात 28 बिलियन डॉलर (2 लाख 17 हजार करोड़ रुपये) रहा जबकि आयात 44.8 बिलियन डॉलर (3 लाख 43 हजार करोड़ रुपये) रहा।