विशेष सीरीज: सुप्रीम कोर्ट के निर्णायक फैसले से ही सुलझा अयोध्या विवाद

वरिष्ठ पत्रकार रवींद्र सिंह पिछले 45 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में हैं। उन्होंने देश के प्रमुख समाचार पत्रों में कार्य किया है। अयोध्या की दो प्रमुख घटनाओं 1990 में गोलीकांड व 1992 में विवादित ढांचे के विध्वंस के वह चश्मदीद गवाह रहे हैं। अयोध्या प्रकरण पर पढ़िए श्री सिंह का ‘आंखों-देखा’ हाल।

विशेष सीरीज: सुप्रीम कोर्ट के निर्णायक फैसले से ही सुलझा अयोध्या विवाद
फोटो साभार- द क्विंट

मालिकाना हक को लेकर दाखिल की गयी याचिका पर दोनों ओर से आधा दर्जन से अधिक पक्षकारों ने अपनी अपनी दलीलें, साक्ष्य और गवाहियां अदालत में पेश कीं। वर्षों तक चली सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश जेएस खेहर ने 2017 में अदालत से बाहर विवाद को हल करने का सुझाव देते हुए कई मध्यस्थों को मनोनीत किया। दोनों पक्षों के बीच कई दौर की बातचीत के बाद भी कोई हल नहीं निकल सका। आखिरकार सुप्रीम कोर्ट ने अब इस मामले का शीघ्र निपटारा करने के उद्देश्य से लगातार सुनवाई का फैसला किया। तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय पीठ (बेंच) बनाई गयी। इसमें न्यायधीश एसए बोबडे, अशोक- भूषण, डीवाई चन्द्रचूड़ और एस अब्दुल नजीर को शामिल किया गया।

तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय पीठ (बेंच) बनाई गयी। फोटो साभारः बारएंडबेंच