पर्व तो सारे शानदार, लेकिन दीपावली की बात कुछ और है

भारत का पौराणिक पर्व है दीपावली। अब तो विदेश में इसकी हलचल तेजी से बढ़ रही है। विदेशों में रहने वाले प्रवासी भारतीय भी इस पर्व को लेकर खासे उत्सुक और उमंग से भर जाते हैं। आखिर ऐसा क्या है ‘अधंकार से उजाले की ओर’ ले जाने वाले इस पर्व में। उसका कारण यही है कि यह ऐसा पर्व है सबको जोड़ता है।

पर्व तो सारे शानदार, लेकिन दीपावली की बात कुछ और है

पूरे विश्व में पर्व या त्योहारों को लेकर हर धर्म के लोग पहले से ज्यादा उत्साहित और संवेदनशील हो गए हैं। उसका कारण यह है कि जनमानस को अपने धर्म और संस्कृति से जुड़ने में ज्यादा आनंद और अपनेपन का भाव मिल रहा है। त्योहारों की एक विशेषता यह भी है कि वह लोगों को जोड़ता है, इसलिए लोग त्योहार के दौरान ज्यादा एक्टिव हो जाते हैं। दीपावली के पर्व को हम भारत की राजधानी दिल्ली से जोड़कर चलते हैं और बताते हैं कि इस पर्व में क्या परिवर्तन हुए और परंपराएं कैसे आज भी कायम रहीं। दिल्ली को इसलिए जोड़ा जा रहा है क्योकि यहां सभी धर्म, संस्कृति और समाज का जुड़ाव है, इसलिए दिल्ली की दीपावली पूरे भारत वर्ष का प्रतिनिधित्व करेगी और उन लोगों को भी जोड़ेगी, जिनके अपने उनसे दूर हैं।

दिल्ली की दीपावली पूरे भारत वर्ष का प्रतिनिधित्व करती है। यह पर्व उन लोगों को भी जोड़ता है, जिनके अपने उनसे दूर हैं।