भारत में परंपरा व सादगी के साथ मनाया गया दशहरा पर्व व दुर्गा उत्सव

कोरोना महामारी पर सतर्कता के चलते दशहरा उत्सव के अवसर पर देशभर में रावण, कुंभकरण, मेघनाद के पुतलों का दहन किया गया। लेकिन इस बार पुतलों की संख्या बेहद कम रही। दूसरी ओर दुर्गा उत्सव पर दुर्गा मां की विशेष पूजा की गई और सिंदूर भी खेला गया।

भारत में परंपरा व सादगी के साथ मनाया गया दशहरा पर्व व दुर्गा उत्सव

भारत में आज बुराई पर अच्छाई का प्रतीक दशहरा (विजयादशमी) व दुर्गा पूजा (मां दुर्गे की विदाई) का पर्व पारंपरिक व सादगी के साथ मनाया गया। कोविड महामारी के चलते इस बार पर्व को मनाने के लिए खास निर्देश जारी किए गए थे। जिसके चलते इस उत्सव में अति उत्साह बहुत अधिक नहीं था। देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री व अन्य नेताओं ने आज विजयादशमी के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दी। दूसरी ओर  मां दुर्गा को आज विदाई दी गई और पूजा पंडालों  सिंदूर खेला हुआ।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविद ने कहा कि विजयादशमी पर देशवासियों को हार्दिक बधाई। दशहरा, बुराई पर अच्‍छाई की विजय का प्रतीक है। यह त्‍योहार हमें नैतिकता, भलाई और सदाचार के रास्‍ते पर चलने की प्रेरणा देता है। मेरी शुभकामना है कि यह पर्व देशवासियों के जीवन में समृद्धि व प्रसन्नता का संचार करे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस अवसर पर कहा कि कि विजयादशमी के पावन अवसर पर आप सभी को अनंत शुभकामनाएं। इसके अलावा अनेक मंत्रियों, विपक्ष के नेताओं ने इस अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं।