50 लाख भारतीयों ने क्यों किया आंतरिक विस्थापन, क्या कहती है UN की रिपोर्ट

संयुक्त राष्ट्र की आंतरिक विस्थापन निगरानी प्रकोष्ठ ने कहा कि आपदा के कारण दुनिया भर में 2.37 करोड़ नए आंतरिक विस्थापन हुए। ये आंकड़े उन लोगों के अतिरिक्त हैं जो संघर्ष और हिंसा के कारण आंतरिक रूप से विस्थापित हुए हैं। हालांकि यह पिछले साल की तुलना में 70 लाख कम हैं।

50 लाख भारतीयों ने क्यों किया आंतरिक विस्थापन, क्या कहती है UN की रिपोर्ट
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शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र उच्चायोग द्वारा तैयार की गई वार्षिक वैश्विक रुझान रिपोर्ट के मुताबिक साल 2021 में जलवायु परिवर्तन और आपदाओं के कारण भारत में लगभग 50 लाख लोग आंतरिक रूप से विस्थापित हुए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि विश्वभर की बात की जाए तो पिछले साल में 10 करोड़ लोग हिंसा, खाद्य असुरक्षा, मानवाधिकारों के हनन, जलवायु संकट, यूक्रेन में युद्ध आदि के कारण अपने घरों से भागने को मजबूर हुए थे।

Russo-Ukrainian War: Anti-war demonstrators take to the streets from London, Trafalgar Square.
संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी ने कहा कि यूक्रेन के खिलाफ रूसी युद्ध सहित 2022 की शुरुआत में हुई घटनाओं को अनदेखा करना असंभव है। Photo by Karollyne Hubert / Unsplash

संयुक्त राष्ट्र की आंतरिक विस्थापन निगरानी प्रकोष्ठ ने कहा कि आपदा के कारण दुनिया भर में 2.37 करोड़ नए आंतरिक विस्थापन हुए। ये आंकड़े उन लोगों के अतिरिक्त हैं जो संघर्ष और हिंसा के कारण आंतरिक रूप से विस्थापित हुए हैं। हालांकि यह पिछले साल की तुलना में 70 लाख कम हैं। रिपोर्ट के अनुसार 2021 में आपदाओं के कारण सबसे ज्यादा विस्थापन चीन में हुआ। यहां विस्थापित लोगों की संख्या 60 लाख देखने को मिली। इसके बाद फिलीपींस में 57 लाख और भारत में 49 लाख थी। हालांकि रिपोर्ट की मानें तो अधिकांश आपदा विस्थापन अस्थायी थे।

शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी ने कहा कि पिछले दशकों में हर साल अपने घरों को छोड़ने के लिए मजबूर लोगों की संख्या में वृद्धि हुई है और जब से रिकॉर्ड रखने शुरू किए गए हैं तब से यह उच्चतम स्तर पर है। 2021 के अंत तक युद्ध के कारण विस्थापित हुए लोगों की संख्या लगभग 9 करोड़ थी जो पिछले वर्ष की तुलना में आठ फीसदी ज्यादा थी और दस साल पहले के आंकड़े से दोगुनी थी।

संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी ने कहा कि यूक्रेन के खिलाफ रूसी युद्ध सहित 2022 की शुरुआत में हुई घटनाओं को अनदेखा करना असंभव है। यूक्रेन पर रूसी आक्रमण, अफ्रीका से अफगानिस्तान समेत अन्य आपात स्थिति को जोड़कर देखें तो द्वितीय विश्व युद्ध के बाद विस्थापन सबसे अधिक देखने को मिला है। 2021 के अंत तक 8 करोड़ 93 लाख लोगों को दुनिया भर में जबरन विस्थापित किया गया जिसमें 2 करोड़ 71 लाख शरणार्थी, इसके अलावा UNHCR के तहत 2 करोड़ 13 लाख शरणार्थी, संयुक्त राष्ट्र राहत और कार्य एजेंसी फॉर फिलिस्तीन रिफ्यूजीज इन द नियर ईस्ट (UNRWA) के तहत 58 लाख फिलिस्तीनी शरणार्थी, 5 करोड़ 32 लाख आंतरिक रूप से विस्थापित लोग, 46 लाख शरण चाहने वाले और 44 लाख वेनेजुएला से विदेश में विस्थापित हुए शरणार्थी हैं।