किसने कहा 'रूस का यूक्रेन पर सैन्य अभियान भारत के सर्जिकल स्ट्राइक जैसा'

भारतीय मूल के एकमात्र विधायक अभय सिंह ने आरोप लगाया कि यूक्रेनियों का इस्तेमाल विभिन्न शक्तियों द्वारा किया गया है जैसे पाकिस्तान का इस्तेमाल पहले अंग्रेजों ने किया, उसके बाद अमेरिका, फिर चीन ने। उन्होंने कहा कियूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की पर निर्भर है कि वे युद्धविराम के लिए कब सहमत होंगे।

किसने कहा 'रूस का यूक्रेन पर सैन्य अभियान भारत के सर्जिकल स्ट्राइक जैसा'
Photo by Dominik Sostmann / Unsplash

रूस में बसे भारतीय मूल के एकमात्र विधायक अभय सिंह ने रूस और यूक्रेन की तुलना भारत और पाकिस्तान से की है। सिंह का कहना है कि रूस के लिए यूक्रेन वही है, जैसे भारत के लिए पाकिस्तान है। रूस प्रतिद्वंद्विता और एक शक्तिशाली पड़ोसी के विरोध में डटकर खड़ा है। बता दें कि अभय सिंह ने रूस में भारतीय मूल का पहला विधायक बनकर इतिहास रचा है।

बिहार के मूल निवासी सिंह कुर्स्क में रूस की सत्ताधारी पार्टी का प्रतिनिधित्व करते हैं। 

सिंह ने आरोप लगाया कि 1990 के दशक से एंग्लो-सैक्सन शक्तियों ने यूक्रेनियों के बीच नफरत पैदा की, जैसी अंग्रेजों ने भारत और पाकिस्तान में भारत के विभाजन के लिए की थी। यूक्रेनियों का इस्तेमाल विभिन्न शक्तियों द्वारा किया गया है, जैसे पाकिस्तान का इस्तेमाल पहले अंग्रेजों ने किया, उसके बाद अमेरिका और फिर चीन ने। यूक्रेन के लोगों में रूसियों के खिलाफ दुश्मनी की भावना पैदा हो गई थी और आज भी युवा यूक्रेनियों को रूसियों से नफरत करना सिखाया जा रहा है।

बिहार के मूल निवासी सिंह कुर्स्क में रूस की सत्ताधारी पार्टी का प्रतिनिधित्व करते हैं। यह क्षेत्र यूक्रेनी सेना के हमले की चपेट में आ गया है। सिंह ने दावा किया कि यूक्रेन में रूस का विशेष सैन्य अभियान पाकिस्तान में भारत द्वारा की गई सर्जिकल स्ट्राइक के समान है। रूस को एंग्लो-सैक्सन शक्तियों द्वारा समर्थित यूक्रेनियों के खिलाफ एक निवारक उपाय के रूप में काम करने के लिए मजबूर किया गया है।

यूक्रेन और रूस के बीच युद्धविराम की संभावना के बारे में पूछे जाने पर सिंह ने कहा कि यह यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की पर निर्भर है कि वे युद्धविराम के लिए कब सहमत होंगे। क्या वह अपने देश में हुए मौजूदा नुकसान के साथ युद्धविराम के लिए सहमत होंगे या इससे भी बड़े नुकसान झेलने के बाद युद्ध विराम के लिए सहमत होंगे।

यूक्रेन में रूस के सैन्य अभियानों की गति के बारे में पूछे जाने पर भारतीय मूल के रूसी विधायक ने दावा किया कि बड़े पैमाने पर विनाश और हत्याओं से बचने के लिए रूसी सेना ने एक निश्चित गति बनाए रखी हुई है। सिंह अग्रिम पंक्ति में रूसी सैनिकों को सहायता प्रदान करने में भी सबसे आगे रहे हैं।

बता दें कि सिंह और रूसी-भारतीय की फ्रेंडशिप सोसाइटी दिशा लगातार मानवीय सहायता भी मुहैया करा रहे हैं। बीते दिनों भारतीय दवा कंपनी पैनबियो फार्म द्वारा निर्मित दवाओं को कुर्स्क में रूसी सशस्त्र बलों के चिकित्सा केंद्रों तक पहुंचाया गया था।दिशा के संस्थापक रामेश्वर सिंह ने रूसी समाचार एजेंसी TASS को बताया कि सहायता यूक्रेन में एक विशेष सैन्य अभियान में भाग लेने वाले रूसी सैनिकों के लिए है। सीमावर्ती शहरों में स्थित अस्पतालों में दर्द निवारक और एंटीबायोटिक सहित दवाएं पहुंचाई जा रही हैं। हम बेलगोरोड और ब्रांस्क के अस्पतालों में सहायता भेजने की योजना बना रहे हैं।