रूसी बमों से बचाने के लिए भारतीय छात्रों को सोवियत संघ के बंकरों में पहुंचाया गया!

इंडियन स्टार ने कई भारतीय छात्रों से खास बात की जिन्होंने बताया कि फिलहाल उनके साथ मौजूद सभी छात्रों को बंकर में रखा गया है। यह बंकर सोवियत संघ के समय के बताए जा रहे हैं।

रूसी बमों से बचाने के लिए भारतीय छात्रों को सोवियत संघ के बंकरों में पहुंचाया गया!

रूस के यूक्रेन पर हमले के बाद वहां पढ़ाई करने वाले भारतीय छात्र खासे मुश्किल में दिखाई दे रहे हैं। युद्ध के चलते हवाई उड़ानें बंद हो गई हैं, जिस कारण वे भारत नहीं आ पा रहे हैं। इन छात्रों का जीवन बचाने के लिए गंभीर कवायद चल रही है। खास बात यह है कि इनमें से अनेक छात्रों को रूसी बमों से बचाने के लिए उन बंकरों में भी भेजा गया है, जिन बंकरों का निर्माण एकीकृत सोवियत संघ के दौरान किया गया था।  इंडियन स्टार ने कुछ भारतीय छात्रों से खास बात की जिन्होंने बताया कि एबेंसी उनसे 500 किलोमीटर दूर है, जबकि उनका हॉस्टल रूसी बॉर्डर से मात्र 35 से 40 किलोमीटर की दूरी पर है। वह सुमी स्टेट यूनि​वर्सिटी में पढ़ते हैं और इस वक्त घबराए हुए हैं।

यूक्रेन में फंसे एक भारतीय छात्र दुष्यंत ने बताया कि उनकी सुबह बम धमाकों के साथ हुई। यूक्रेन प्रशासन द्वारा इमरजेंसी लगाए जाने के बाद से हम सभी छात्र 24 घंटे तक हॉस्टल में बंद रहे। उन्होंने REDIO के न्यूयॉर्क स्थित चेयरमैन प्रेम भंडारी और भारत के राज्य राजस्थान में स्थित राजस्थानी फाउंडेशन से भी संपर्क किया। प्रेम भंडारी ने आश्वासन ​दिया है कि वह भारत सरकार के साथ संपर्क में हैं ताकि आर्मी के माध्यम से या वंदे भारत मिशन की तरह रेस्क्यू आपरेशन करते हुए छात्रों को बचाया जा सके।