सुरक्षा में चूक: ब्रिटिश सिख संगठन ने कहा, पीएम मोदी को कम नहीं आंकना चाहिए

एसोसिएशन ने कहा कि पीएम ने तीन कृषि कानूनों को वापस लेने का फैसला पंजाब के किसानों के सम्मान के प्रतीक के तौर पर लिया है। अगर पंजाब के लोगों को कुछ करना चाहिए तो वह यह है कि उन्हें प्रधानमंत्री मोदी के प्रति सम्मान जताना चाहिए और कृषि कानूनों की वापसी के लिए आभार भी प्रकट करना चाहिए।

सुरक्षा में चूक: ब्रिटिश सिख संगठन ने कहा, पीएम मोदी को कम नहीं आंकना चाहिए

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में चूक का मामला देश के साथ-साथ विदेशों में भी चर्चा का विषय बना हुआ है। अब यूनाइटेड किंगडम (यूके) की ब्रिटिश सिख एसोसिएशन ने भी बीते दिनों पंजाब के फिरोजपुर की ओर जा रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा व्यवस्था में चूक की कड़ी निंदा की है। एसोसिएशन के चेयरमैन लॉर्ड रामी सिंह सीबीई ने एक बयान में कहा, 'प्रधानमंत्री लोकतांत्रिक रूप से चुने गए सरकार के अध्यक्ष हैं और वह पूरे देश का प्रतिनिधित्व करते हैं न कि केवल किसी एक राज्य का। किसी को भी उस नेता के अधिकार को कम नहीं आंकना चाहिए जो देश चला रहा है।'

उन्होंने कहा कि देश इसका इंतजार कर रहा था कि प्रधानमंत्री पंजाब के लोगों को क्या संदेश देने वाले थे। किसी अन्य प्रधानमंत्री ने पंजाब के लिए उतना काम नहीं किया है जितना मोदी ने किया है। उन्होंने लोगों का धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए करतारपुर कॉरिडोर की शुरुआत की। रामी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने गुरु नानक देव की 550वीं जयंती मनाई थी। इसी तरह उन्होंने 10वें गुरु गोबिंद सिंह की 350वीं जयंती और नौवें गुरु तेग बहादुर की 400वीं जयंती धूमधाम से मनाई थी। किसी अन्य प्रधानमंत्री ने सिख गुरुओं के प्रति इस तरह का सम्मान कभी भी नहीं दिखाया है।