11,000 लेकर ऑस्ट्रेलिया आए थे, संघर्ष किया, पढ़ाई की, मिला यह सम्मान

दीपक जब ऑस्ट्रेलिया पहुंचे तो उनकी जेब में महज 11 हजार रुपये थे। उन्होंने वहां लोगों की गाड़ियों को साफ किया। अपनी पढ़ाई को जारी रखने के लिए रेस्टोरेंट में काम किया। तमाम बाधाओं को पार करते हुए उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के सुरक्षा विभाग में कार्यकारी अधिकारी के तौर पर काम किया।

11,000 लेकर ऑस्ट्रेलिया आए थे, संघर्ष किया, पढ़ाई की, मिला यह सम्मान

ऑस्ट्रेलिया दिवस के मौके पर ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने वहां के 1040 लोगों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया है। सैन्य और नागरिक क्षेत्रों में बेहतरीन काम करने के लिए ये पुरस्कार दिए गए हैं। पुरस्कार पाने वालों में भारतीय मूल के दो ऑस्ट्रेलियाई नागरिक भी शामिल हैं। इनमें से एक हैं कैनबरा से विधायक रहे दीपक राज गुप्ता। दीपक को समाजसेवा के लिए यह पुरस्कार मिला है। इनके अलावा भारतीय मूल के पृथ्वीपाल सिंह भाटल को चिकित्सा जगत में शोध और शिक्षा के लिए सम्मानित किया गया है।

उत्तर प्रदेश के आगरा में जन्मे दीपक करीब 30 साल से ऑस्ट्रेलिया के निवासी हैं। वहां के भारतीयों के लिए काम करने के मकसद से ही वह राजनीति में आए। ऑस्ट्रेलिया कैपिटल टेरिटरी (एसीटी) असेंबली में जुलाई 2019 से अक्टूबर 2020 तक दीपक राज गुप्ता कैनबरा से विधायक रहे। वह पहले भारतीय थे जो ऑस्ट्रेलिया में विधायक बने। ऑस्ट्रेलिया में भगवद्गीता पर हाथ रखकर शपथ लेने की वजह से भी वह चर्चा में रहे।