अपनी रणनीति से बनाया मुरीद, तभी भारतीय मूल के दो छात्रों को मिला पुरस्कार

ऐश्वर्य कुलकर्णी और रौनक घोष बिजनेस एनालिटिक्स और इनफॉरमेशन सिस्टम में ग्रेजुएट हैं। विविधतापूर्ण योग्यता को किस प्रकार कंपनी या संस्था के हित में इस्तेमाल किया जा सकता है, इस पर दोनों ने रणनीति तैयार की और पुरस्कार हासिल किया।

अपनी रणनीति से बनाया मुरीद, तभी भारतीय मूल के दो छात्रों को मिला पुरस्कार

यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ फ्लोरिडा (USF) मुमा कॉलेज ऑफ बिजनेस के भारतीय मूल के दो अमेरिकी छात्रों रौनक घोष और ऐश्वर्य कुलकर्णी को एमजेन स्ट्रेटजी प्रतियोगिता में सर्वोच्च पुरस्कार मिला है। किसी कंपनी में काम करने वाले कर्मचारियों की विविधता को कैसे बरकरार रखा जा सकता है। ऐसी विविधता जो हर प्रकार के पूर्वाग्रह से मुक्त हो। इस पर रणनीति तैयार करने के लिए उन्हें यह पुरस्कार दिया गया है। यूनिवर्सिटी की तरफ से बताया गया है कि दर्जनों अन्य विश्वविद्यालय के प्रस्तावों को मात देते हुए दोनों छात्रों ने यह जीत हासिल की है।

ऐश्वर्य कुलकर्णी और रौनक घोष बिजनेस एनालिटिक्स और इनफॉरमेशन सिस्टम में ग्रेजुएट हैं। किसी कंपनी में हर तरह की योग्यता होती है। वहां अलग-अलग विचारों को मानने वाले लोग होते हैं। कई तरह की विविधताएं हर स्तर पर होती है। लेकिन इन विविधतापूर्ण योग्यता को किस प्रकार कंपनी या संस्था के हित में इस्तेमाल किया जा सकता है, इस पर दोनों ने रणनीति तैयार की और पुरस्कार हासिल किया। महीनों चली प्रतियोगिता के बाद उनके प्रस्ताव को बायोटेक कंपनी ऐमजेन के सीनियर के सामने रखा गया। और इस तरह एक प्रतियोगिता में उन्होंने यह मुकाम हासिल किया। इससे पहले 23 विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के 100 छात्रों ने इस प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। इसके बाद टीम बनाकर उन्हें चार अलग-अलग टॉपिक पर उन्हें टास्क दिया गया।