टोरंटो फेस्टिवल में इस मलयालम फिल्म ने बटोरी दर्शकों की वाह-वाही

दो परिवारों के बीच पीढ़ी दर पीढ़ी रक्तपात की कहानी 'पाका' इस बात की पड़ताल करती है कि क्या जॉनी और अन्ना अपने दो परिवारों के बीच के काले अध्याय को बंद कर सकते हैं?

टोरंटो फेस्टिवल में इस मलयालम फिल्म ने बटोरी दर्शकों की वाह-वाही

भारतीय फिल्म निर्देशक नितिन लुकोस की पहली मलयालम फिल्म 'पाका' (अंग्रेजी में टैगलाइन 'रिवर ऑफ ब्लड' के साथ) का 46वें टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (टीआईएफएफ) में वर्ल्ड प्रीमियर हुआ। फिल्म ने दर्शकों से काफी प्रशंसा बटोरी। 'पाका' केरल के वायनाड जिले में दो परिवारों के बीच पीढ़ी दर पीढ़ी रक्तपात की कहानी है।

पाका की कहानी एक छोटे से ग्रामीण शहर में चलती है, जहां सामंती परिवारों के केंद्र में एक नदी है जहां दो परिवारों की आपसी रंजिश में किसी न किसी हत्या हो जाती है और शव नदी में दिखाई देते हैं। बदला लेने की यह कार्रवाई इतनी ज्यादा होने लगती है कि स्थानीय लोग इसके प्रति उदासीन हो जाते हैं।