पैरालंपिक में भी हमारे खिलाड़ी कम है के, इतिहास रच रहे हैं, पदक ले रहे हैं

प्रवीण के रजत पदक और अवनि के कांस्य पदक के साथ टोक्यो पैरालंपिक में भारत के पदकों की संख्या 12 हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन दोनों खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दी हैं और उनके हार्ड वर्क की भी सराहना की।

पैरालंपिक में भी हमारे खिलाड़ी कम है के, इतिहास रच रहे हैं, पदक ले रहे हैं

पैरा-शूटर अवनि लखेरा ने टोक्यो पैरालिंपिक में इतिहास रचते हुए स्वर्ण पदक जीतने के बाद कांस्य पदक अपने नाम किया है। इस 19 वर्षीय भारतीय शूटर ने महिलाओं की 50 मीटर राइफल 3 पोजिशन SH1 में 445.9 पॉइंट्स के साथ कांस्य पदक पर कब्जा जमाया। इस तरह एक ही पैरालिंपिक में यह उनका दूसरा मेडल है। इससे पहले उन्होंने 10 मीटर एयर राइफल में स्वर्ण पदक हासिल किया था। भारत का यह 12वां मेडल है। अवनि से पहले प्रवीण कुमार ने पुरुष ऊंची कूद टी64 इवेंट में देश को रजत पदक दिलाया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अवनि को दूसरा पदक जीतने पर बधाई दी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अवनि को बधाई दी है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा - टोक्यो पैरालंपिक में और अधिक गौरव! अवनि लखेरा के शानदार प्रदर्शन से उत्साहित  हूं। उन्हें कांस्य पदक के लिए बधाई। भविष्य के प्रयासों के लिए उन्हें बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

अवनि लखेरा दो पैरालंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बन गईं।

अवनि लखेरा दो पैरालंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बन गईं। उनसे पहले जोगिंदर सिंह सोढ़ी एक ही चरण में कई पदक जीतने वाले पहले भारतीय थे। उन्होंने 1984 पैरालंपिक में एक रजत और दो कांस्य पदक जीते थे। उनका रजत पदक गोला फेंक में, जबकि दो कांस्य पदक चक्का फेंक और भाला फेंक में मिले थे।

अवनि ने इससे पहले 10 मीटर एयर राइफल में स्वर्ण पदक हासिल किया था।