टोक्यो ओलंपिक : नीरज ने भाला फेंक में स्वर्ण पदक जीतकर रचा इतिहास

भारत का एथलेटिक्स में ओलंपिक पदक जीतने का पिछले 100 साल से भी अधिक का इंतजार खत्म हुआ। नीरज ने भाला फेंक में स्वर्ण जीतकर भारत वासियों को भाव-विभोर कर दिया।

टोक्यो ओलंपिक : नीरज ने भाला फेंक में स्वर्ण पदक जीतकर रचा इतिहास

भारत के भाला फेंक एथलीट नीरज चोपड़ा ने टोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। वह देश के लिए व्यक्तिगत स्वर्ण जीतने वाले दूसरे खिलाड़ी और पहले एथलीट हैं। नीरज चोपड़ा ने अपने दूसरे प्रयास में 87.58 मीटर की दूरी के साथ पहला स्थान हासिल किया। इससे पहले भारत के पहलवान बजरंग ने शनिवार को शानदार सफलता हासिल करते हुए फ्रीस्टाइल कुश्ती के 65 किग्रा भार वर्ग में कांस्य पदक जीता और इस तरह आज भारत की झोली में दो पदक आए।

नीरज चोपड़ा गोल्ड मेडल जीतने के बाद राष्ट्रीय ध्वज के साथ खुशी का इजहार करते हुए ।

नीरज से पहले अभिनव बिंद्रा ने बीजिंग ओलंपिक 2008 में पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल में स्वर्ण पदक जीता था। अभिनव ने यह स्वर्ण निशानेबाजी में जीता था।

नीरज ने स्वर्ण पदक जीतने के बाद तिरंगा लेकर मैदान का चक्कर लगाया।

टोक्यो में नीरज ने जो किया है वह ऐतिहासिक है क्योंकि इससे पहले भारत को ओलंपिक के एथलेटिक्स इवेंट्स में कभी कोई पदक नहीं मिला। ओलंपिक गेम्स में एथलेटिक्स में भारत का पहला पदक है। दिग्गज मिल्खा सिंह और पीटी ऊषा क्रमश 1960 और 1984 के ओलंपिक में मामूली अंतर से पदक से चूक गये थे।

नीरज चोपड़ा के गोल्ड मेडल के साथ अब भारत के कुल सात पदक हो गए हैं।

इस तरह नीरज ने भारत का एथलेटिक्स में ओलंपिक पदक जीतने का पिछले 100 साल से भी अधिक का इंतजार समाप्त कर दिया। नीरज ने स्वर्ण पदक जीतने के बाद राष्ट्रीय ध्वज लेकर मैदान का चक्कर लगाया और जीत का जश्न मनाया।

भारत ने अब तक टोक्यो ओलंपिक में दो रजत और चार कांस्य पदक जीते थे, लेकिन सोना अभी तक दूर था, लेकिन ओलंपिक खत्म होने से पहले नीरज चोपड़ा ने गोल्ड भी भारत को दिला दिया। अब भारत के कुल सात पदक अब तक हो गए हैं।

नीरज चोपड़ा भाला फेंक प्रतिस्पर्धा के दौरान।

नीरज ने क्वालीफिकेशन में जिस तरह का प्रदर्शन किया और वह ग्रुप-ए में पहले स्थान पर रहे थे, उसके बाद उनसे सोना लाने की संभावना बढ़ गई है। 23 वर्षीय नीरज ने स्टेडियम में ग्रुप ए क्वालीफिकेशन राउंड के अपने पहले ही प्रयास में 86.65 मीटर का थ्रो फेंक 83.50 मीटर के ऑटोमेटिक क्वालीफाइंग अंक को हासिल किया था तथा फाइनल में पदक के प्रबल दावेदार के रूप में उभरे। नीरज ने जर्मनी के जोहानेस वेटेर को पीछे छोड़ा था जो स्वर्ण पदक के प्रबल दावेदार माने जा रहे थे। जोहानेस ने भी हालांकि, 85.64 मीटर का थ्रो कर ऑटोमेटिक क्वालीफिकेशन हासिल किया था।