वीजा देरी पर भारत सरकार करे हस्तक्षेप, TAAI ने कहा, परेशान हो रहे हैं यात्री

2,500 से अधिक ट्रैवल कंपनियों का प्रतिनिधित्व करने वाले ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (TAAI) ने भारत सरकार को लिखते हुए कई मुद्दों को रखा है और विदेश मंत्रालय (MEA) से यात्रा को बढ़ावा देने के लिए जरूरी कदम उठाने के लिए त्वरित कार्रवाई करने की मांग की है।

वीजा देरी पर भारत सरकार करे हस्तक्षेप, TAAI ने कहा, परेशान हो रहे हैं यात्री
Photo by Global Residence Index / Unsplash

यूरोपीय देशों व अमेरिका समेत कुछ अन्य देशों द्वारा वीजा देने में देरी करने के चलते भारतीय यात्रियों के सामने आ रही बाधाओं को लेकर ट्रैवल इंडस्ट्री ने भारत सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है।

भारत में 2,500 से अधिक ट्रैवल कंपनियों का प्रतिनिधित्व करने वाले ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (TAAI) ने भारत सरकार को लिखते हुए कई मुद्दों को रखा है और विदेश मंत्रालय (MEA) से यात्रा को बढ़ावा देने के लिए जरूरी कदम उठाने के लिए त्वरित कार्रवाई करने की मांग की है। TAAI ने सरकार से सभी आने वाले यात्रियों के लिए अनिवार्य प्री-फिल एयर सुविधा फॉर्म को खत्म करने का भी अनुरोध करने के अलावा भारत में मुफ्त वीजा के विस्तार और ब्रिटेन और कनाडा सहित सभी देशों के लिए ई-वीजा को बहाल करने के लिए कहा है ताकि इनबाउंड पर्यटन को बढ़ावा दिया जा सके।

TAAI अध्यक्ष ज्योति मायाल ने कहा कि हम भारत की यात्रा व्यापार बिरादरी के सामने आने वाली चुनौतियों को और अधिक मजबूत बनाने के लिए विदेश मंत्रालय की सहायता मांग रहे हैं।

हवाई सुविधा के लिए मौजूदा निर्देशों को भार बताते हुए TAAI ने अनुरोध किया है कि इन्हें तुरंत समाप्त किया जाना चाहिए। TAAI ने​​ लिखित में मांग की है कि यात्रियों की संरक्षा और सुरक्षा के लिए इनबाउंड ई-वीजा पर समान रूप से अनिवार्य स्वास्थ्य और व्यापक यात्रा बीमा भी शुरू किया जाना चाहिए।

TAAI ने एक बयान में कहा कि अमेरिका और कई शेंगेन देशों विशेष रूप से ग्रीस के लिए वीजा जारी करना इन दिनों एक बड़ी बाधा है। TAAI ने कहा कि ग्रीस जाने की चाह रखने वाले यात्री वीजा के लिए नियुक्ति लेने में असमर्थ हैं और फिर बिना किसी उचित कम्युनिकेशन के उन्हें वीजा की मुहर लगाने में लंबी देरी का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा कुछ मिशन अनिश्चित काल के लिए पासपोर्ट रखते हैं जिसके परिणामस्वरूप अनिश्चितता तो होती ही है, साथ में भी वीजा रद्द भी होता है। इसससे यात्री को भारी लागत झेलनी होती है।

TAAI ने कहा कि लाखों भारतीय यात्रियों को अपनी बुकिंग रद्द करने या पुनर्निर्धारित करने के लिए मजबूर किया गया है, जिससे टिकटों और होटलों की पुष्टि पर पैसे का नुकसान हुआ है। TAAI अध्यक्ष ज्योति मायाल ने कहा कि हम भारत की यात्रा व्यापार बिरादरी के सामने आने वाली चुनौतियों को और अधिक मजबूत बनाने के लिए विदेश मंत्रालय की सहायता मांग रहे हैं। महामारी की वजह से अस्तित्व के लिए इंडस्ट्री से संघर्ष किया है। यह वक्त जल्दी से पुनर्जीवित होने का एक बड़ा अवसर है क्योंकि लोग यात्रा को फिर से शुरू करना चाहते हैं।