शाबास: ये तीन भारतीय युवा अमेरिका की नेवी और मरीन को करेंगे मजबूत

इस बार एकेडमी को पुरस्कार के लिए 260 से ज्यादा आवेदन मिले थे। इनमें से 38 लोगों को पुरस्कार के लिए चुना गया। इन सभी की रिसर्च नेवी के लिए मददगार साबित हो सकती है।

शाबास: ये तीन भारतीय युवा अमेरिका की नेवी और मरीन को करेंगे मजबूत
डॉ. आशुतोष गिरी, डॉ. तनुश्री मित्रा और डॉ. रेहान कपाड़िया

भारतीय अमेरिकी शोधकर्ता डॉ. आशुतोष गिरि, डॉ. रेहान कपाड़िया और डॉ. तनुश्री मित्रा ने पूरे समुदाय का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। इन तीनों को भी प्रतिष्ठित 'ऑफिस ऑफ नेवल रिसर्च यंग इन्वेस्टिगेटर' अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। इस बार यह सम्मान कुल 38 लोगों को दिया गया। इस अवॉर्ड के प्राप्तकर्ताओं को रिसर्च में सहायता देने के लिए 20 मिलियन डॉलर (करीब 148 करोड़ रुपये) की राशि दी जाती है। ये लोग अपने शोध के जरिए यूएस नेवी और मरीन कॉर्प्स को मजबूत करते हैं।

'द ऑफिस ऑफ नेवल रिसर्च यंग इन्वेस्टिगेटर' अवॉर्ड एकेडमिक उपलब्धि हासिल करने वाले प्रतिभाशाली युवाओं को दिया जाने वाला प्रतिष्ठित पुरस्कार है। इस बार एकेडमी को पुरस्कार के लिए 260 से ज्यादा आवेदन मिले थे। इनमें से 38 लोगों को पुरस्कार के लिए चुना गया। आवेदन करने वाले सभी कैंडिडेट्स विभिन्न कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से डॉक्टरेट थे। पुरस्कार पाने वाले कैंडिडेट्स 13 अलग-अलग राज्यों से ताल्लुक रखते हैं। इनके शोध आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, पावर, ऊर्जा और संचार सहित विभिन्न शाखाओं से संबंधित हैं।