गोलीबारी के पीड़ित तीन सिखों ने मांगा मुआवजा, इंडियानापोलिस पर आरोप!

इंडियाना में साल 2005 में रेड फ्लैग कानून बना था। इसके तहत पुलिस या अदालतों को ऐसे व्यक्तियों के हथियारों को जब्त करने का अधिकार दिया जाता है जो हिंसक प्रवृत्ति के होने की आशंका होती है। पीड़ितों ने पुलिस विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए इस मुआवजे की मांग उठाई है।

गोलीबारी के पीड़ित तीन सिखों ने मांगा मुआवजा, इंडियानापोलिस पर आरोप!

संयुक्त राज्य अमेरिका के राज्य इंडियाना की राजधानी इंडियानापोलिस में एक फेडएक्स सुविधा केंद्र पर हुई सामूहिक गोलीबारी की घटना से प्रभावित सिख समुदाय के तीन सदस्यों ने मुआवजे की मांग की है। उन्होंने दावा किया है कि पुलिस अदालत में एक मामला दर्ज कर हमलावर को उस बंदूक तक पहुंचने से रोक सकती थी, जिससे यह जानलेवा और आत्मघाती हमला किया गया था। लेकिन पुलिस ऐसा करने में नाकाम रही। यह घटना इस साल अप्रैल माह में हुई थी।  

मुआवजे की मांग करने वालों में हरप्रीत सिंह, लखविंदर कौर और गुरिंदर बैंस शामिल हैं। ये लोग हमले में घायल हुए थे या अपने परिजनों को खो दिया था। तीनों ने सात-सात लाख डॉलर के मुआवजे की मांग की है। पीड़ितों के वकीलों ने कहा कि इंडियानापोलिस मेट्रोपॉलिटन पुलिस विभाग और मैरियन काउंटी अभियोजक कार्यालय रेड फ्लैग कानून का पालन करने में असफल रहे हैं।