दादी मां से उपहार में मिली कॉफी मशीन लेकर दिल्ली पहुंची यूक्रेनी दुल्हन!

30 वर्षीय अन्ना होरोदेत्स्का ने अपने साथ केवल कुछ टी-शर्ट और एक कॉफी मशीन ले जाने का फैसला किया। मशीन ले जाने का कारण यह था कि इसे उनकी दादी ने शादी के उपहार के तौर पर दिया था। नुभव और अन्ना की मुलाकात पहली बार साल 2019 में हुई थी। तब अन्ना भारत घूमने आई थीं।

दादी मां से उपहार में मिली कॉफी मशीन लेकर दिल्ली पहुंची यूक्रेनी दुल्हन!

रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध अभी भी जारी है। यूक्रेन की राजधानी कीव समेत अन्य शहरों पर रूस की सेना लगातार बम और मिसाइल बरसा रही है। इस बीच कई लोग अपनी-अपनी जरूरी वस्तुओं के साथ देश सुरक्षित स्थानों की ओर जा रहे हैं। यह खबर ऐसी ही एक महिला के बारे में है जो युद्धग्रस्त क्षेत्र से निकलकर भारत गई है। पेशे से मेकअप आर्टिस्ट इस महिला ने अपनी महंगी मेकअप किट और अन्य वस्तुओं के स्थान पर अपनी नई कॉफी मशीन ले जाना चुना।

30 वर्षीय अन्ना होरोदेत्स्का ने अपने साथ केवल कुछ टी-शर्ट और एक कॉफी मशीन ले जाने का फैसला किया। मशीन ले जाने का कारण यह था कि इसे उनकी दादी ने शादी के उपहार के तौर पर दिया था। यहां खास बात यह है कि अन्ना की बीते रविवार को ही शादी हुई है और उनके पति अनुभव भसीन भारत की राजधानी नई दिल्ली में वकील हैं। अन्ना के कॉफी मशीन ले जाने के फैसले पर अनुभव भी हैरत में पड़ गए थे।

30 वर्षीय अन्ना होरोदेत्स्का ने अपने साथ केवल कुछ टी-शर्ट और एक कॉफी मशीन ले जाने का फैसला किया।

अनुभव ने बताया कि अन्ना एक प्रशिक्षित मेकअप आर्टिस्ट हैं लेकिन अपने साथ यह कॉफी मशीन यहां लाने के लिए उसने अपना बेहद महंगा मेकअप का सामान वहीं छोड़ दिया। मैं समझता हूं कि यह मशीन हमारी लव स्टोरी की असली हीरो है। अनुभव और अन्ना की मुलाकात पहली बार साल 2019 में हुई थी। तब अन्ना भारत घूमने आई थीं। कोरोना वायरस वैश्विक महामारी की वजह से लगाए गए लॉकडाउन के दौरान वह नई दिल्ली में अनुभव के परिवार के साथ भी रही थीं।

इस बार जब वह दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचीं तो अनुभव ने उन्हें प्रपोज किया। जब अन्ना ने जवाब में हां कहा तो अनुभव ने वहीं उन्हें अंगूठी पहनाई। इस दौरान वहां मौजूद अनुभव के परिजनों, दोस्तों और अन्य लोग भी अनुभव की खुशी में शामिल हुए और तालियां बजाकर उनका उत्साह बढ़ाया। रविवार को एक पारिवारिक कार्यक्रम में दोनों वैवाहिक बंधन में बंध गए थे। अन्ना बचे हुए काम निपटाने और अपने कुत्ते को लाने के लिए एक बार फिर कीव जाने की योजना बना रही हैं।

दोनों देशों के बीच युद्ध की शुरुआत 24 फरवरी को हुई थी। इसके बाद से रूस के इस कदम के विरोध में पश्चिमी देशों ने उसके खिलाफ कई सख्त प्रतिबंध लगाए हैं। लेकिन इसके बावजूद रूस के रुख में कोई बदलाव नहीं आया है। बीते दिनों रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा था कि हम यूक्रेन में अपना सैन्य अभियान तब तक जारी रखेंगे जब तक हमारे लक्ष्य पूरे नहीं हो जाते। उन्होंने कहा था कि हम तेजी से आगे नहीं बढ़ रहे हैं क्योंकि हम नुकसान कम करना चाहते हैं।