ओहियो रोमन कैथोलिक चर्च में पहले भारतीय मूल के बिशप बने फर्नांडीस

फर्नांडीस का परिवार 1970 में संयुक्त राज्य अमेरिका आया था। फर्नांडीस का जन्म टोलेडो में हुआ और उनका पालन-पोषण एक कैथोलिक परिवार में हुआ था। फर्नांडीस टोलेडो विश्वविद्यालय से जीव विज्ञान में स्नातक हैं। लेकिन पादरी बनने के लिए उन्होंने मेडिकल की पढ़ाई छोड़ दी थी।

ओहियो रोमन कैथोलिक चर्च में पहले भारतीय मूल के बिशप बने फर्नांडीस

अमेरिका के ओहियो प्रांत में रोमन कैथोलिक चर्च ने भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक रेव अर्ल फर्नांडीस को 13वां बिशप बनाने की घोषणा की है। फर्नांडीस ओहियो के किसी कैथोलिक चर्च में बिशप बनने वाले पहले भारतीय अमेरिकी नागरिक होंगे। ओहियो के रहने वाले 49 साल के फर्नांडीस को 31 मई को एक कार्यक्रम में बिशप बनाया जाएगा। वह बिशप रॉबर्ट जे ब्रेनन का स्थान लेंगे।

फर्नांडीस का परिवार 1970 में संयुक्त राज्य अमेरिका आया था। 

फर्नांडीस का परिवार 1970 में संयुक्त राज्य अमेरिका आया था। फर्नांडीस का जन्म टोलेडो में हुआ और उनका पालन-पोषण एक कैथोलिक परिवार में हुआ था। उन्होंने बताया कि उनके दिवंगत पिता एक चिकित्सक थे। उनकी मां भारत में एक स्कूल में शिक्षिका थीं। उनके अभिभावक का कैथोलिक आस्था से लगाव था।