दुनियाभर में ताजमहल को 'चाहने' वाले सबसे ज्यादा, तो फिर यह विवाद क्यों?

विश्व धरोहर स्थलों में शामिल ताजमहल यूनेस्को की उस लिस्ट में शामिल है ​जिनमें कुल मिलाकर दुनिया भर की 1154 धरोहरों को जगह दी गई है। मात्र एक महीने के भीतर अकेले मार्च में दुनियाभर के 14 लाख लोगों ने ताजमहल को खोजा जो​ दुनिया के सात अजूबों में भी सबसे ज्यादा है।

दुनियाभर में ताजमहल को 'चाहने' वाले सबसे ज्यादा, तो फिर यह विवाद क्यों?
Photo by Sourabh Nilakhe / Unsplash

दुनिया के सात अजूबों में शामिल भारत के आगरा में बना ताजमहल अपनी लोकप्रियता को बरकरार रखे हुए है। हाल ही में सामने आए जिटैंगो ट्रैवल के आंकड़ों के अनुसार यूनेस्को की सूची में शामिल दुनिया के किसी भी अन्य धरोहर की तुलना में ताजमहल को सबसे ज्यादा खोजा गया है। वैसे ताजमहल को लेकर भारत में फिर से विवाद शुरू हो गया है।

ताजमहल के बाद इस सूची में दूसरे स्थान पर पेरू का माचू पिचू है। Photo by Jackie Hope / Unsplash

मात्र एक महीने के भीतर अकेले मार्च में दुनियाभर के 14 लाख लोगों ने ताजमहल को खोजा, जो​ दुनिया के सात अजूबों में भी सबसे ज्यादा की गई खोजबीन है। विश्व धरोहर स्थलों में शामिल ताजमहल यूनेस्को की उस लिस्ट में शामिल है ​जिनमें कुल मिलाकर दुनिया भर की 1154 धरोहरों को जगह दी गई है। आंकड़ों के मुताबिक ताजमहल के बाद इस सूची में दूसरे स्थान पर पेरू का माचू पिचू है जिसमें 11 लाख लोगों ने अपनी रुचि दिखाई है।

इसके बाद ब्राजील का रियो डी जनेरियो है, जिसे 8,24,000 लोगों ने खोजा। वहीं अगले स्थान पर अमेरिका का येलोस्टोन नेशनल पार्क है जो 7,93,000 लोगों ने ढूंढा। इसके बाद ब्रिटेन के स्टोनहेंज को 7,82,000, अमेरिका के स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी को 7,57,000, जॉर्डन के पेट्रा को 5,75,000, इटली के सिंक टेरे को 5,50,000, फ्रांस में मौजूद वर्साय के महल को 4,64,000 और मेक्सिको के चिचेन इट्जा को 4,45,000 ने खोजा है।

जानकारी के लिए आपको बता दें​ कि मुगल शासक शाहजहां ने अपनी पत्नी मुमताज महल की याद के रूप में ताजमहल को बनवाया था जिसे आज भी लोग प्रेम का स्मारक मानते हैं। ऐसे में कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि यह यात्रियों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

संगमरमर की इस खूबसूरत धरोहर को लेकर भारत में एक बार फिर विवाद छिड़ गया है। उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में इसे लेकर एक याचिका दायर की गई है। याचिका में मांग की गई है कि ताजमहल के नीचे 22 कमरों को खोलने की अनुमति दी जाए जिससे मालूम चल सके कि उसके भीतर देवी देवताओं की मूर्तियां और शिलालेख हैं या नहीं? भारत के हिंदुवादी संगठन दावा करते हैं कि यह शिवमंदिर (तेजोमहालय) है, जिस पर मुगल बादशाह शाहजहां ने अपनी बेगम का मकबरा बना दिया। इस तरह की याचिका कुछ साल पहले भी कोर्ट में डाली गई थी, लेकिन उसे खारिज कर दिया गया था। अब इस नई याचिका पर कोर्ट मंगलवार को सुनवाई करेगा।