सिडनी फेस्टिवल में सत्यजीत रे की ये 10 फिल्में इसलिए दिखाई जा रही हैं

फिल्म फेस्टिवल का इसके निदेशक नशेन मूडली ने बुधवार को आधिकारिक रूप से उद्घाटन किया था। यह एक वार्षिक फेस्टिवल है जिसे दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित फिल्म फेस्टिवल्स में से एक माना जाता है।

सिडनी फेस्टिवल में सत्यजीत रे की ये 10 फिल्में इसलिए दिखाई जा रही हैं

69वें सिडनी फिल्म फेस्टिवल के लिए क्रांतिकारी भारतीय फिल्म निर्माता सत्यजीत रे पर एक रेट्रोस्पेक्टिव (बीते हुए काल पर दृष्टि डालना) की घोषणा की गई है। फेस्टिवल के दौरान दिखाई जाने वाली सत्यजीत रे की 10 फिल्मों को सिडनी फिल्म फेस्टिवल के पूर्व निदेशक डेविड स्ट्रैटन ने क्यूरेट किया है। स्ट्रैटन इस समय दि ऑस्ट्रेलियन के लिए क्रिटिक हैं। इसके अलावा वह एबीसी के एट दि मूवीज शो को मार्गरेट पोमेरैंज के साथ को-होस्ट करते हैं।

द वर्ल्ड ऑफ अप्पू या अपूर संसार (1959) का एक दृश्य

फिल्म फेस्टिवल का इसके निदेशक नशेन मूडली ने बुधवार को आधिकारिक रूप से उद्घाटन किया था। यह एक वार्षिक फेस्टिवल है जिसे दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित फिल्म फेस्टिवल्स में से एक माना जाता है। उद्घाटन के दौरान मूडली ने सत्यजीत रे को भी श्रद्धांजलि अर्पित की थी।

मूडली ने कहा कि सत्यजीत रे दुनिया के सबसे सम्मानित फिल्म निर्माताओं में से एक हैं। वह एक साहसी और दूरदर्शी निर्देशक और लेखक थे। उनकी प्रतिभा व्यापक थी, जिसे उन्होंने अपनी कई शानदार फिल्मों से प्रमाणित भी किया। उन्होंने कहा कि 1955 में पाथेर पांचाली के साथ डेब्यू करने वाले रे ने साधारणता और जटिलता के बीच संतुलन पाया। उनकी फिल्में बंगाली पृष्ठभूमि में आधारित हैं लेकिन फिर भी वैश्विक हैं।

फेस्टिवल में रे की इन 10 फिल्मों का होगा प्रदर्शन

सिडनी फिल्म फेस्टिवल में सत्यजीत रे की पाथेर पांचाली (1955), अपराजितो (1956), द म्यूजिक रूम या जलसागर (1958), द वर्ल्ड ऑफ अप्पू या अपूर संसार (1959), देवी (1960), द बिग सिटी या महानगर (1963), चारुलता (1964), द हीरो या नायक (1966), कंपनी लिमिटेड (1971) और द चेस प्लेयर्स या शतरंज के खिलाड़ी (1977) का प्रदर्शन किया जाएगा।