ऑस्ट्रेलिया में भारतीय मसालों की खेती कर किचन व कारोबार का स्वाद बढ़ाना चाहते हैं सूर्य

डॉ. सूर्य भट्टराई ने कहा वैश्विक बाजार में मसालों की मांग 30 अरब डॉलर है और ऑस्ट्रेलिया इसका सिर्फ 3 प्रतिशत उत्पादन करता है। आज मसाले कई देशों में किचन का मुख्य हिस्सा हैं और इसके उत्पादन से किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

ऑस्ट्रेलिया में भारतीय मसालों की खेती कर किचन व कारोबार का स्वाद बढ़ाना चाहते हैं सूर्य

सेंट्रल क्वींसलैंड यूनिवर्सिटी (CQU) में क्रॉप फिजियोलॉजिस्ट डॉ. सूर्य भट्टराई वर्तमान में भारतीय किचन में आमतौर पर पाई जाने वाली मसालों की फसलों को आस्ट्रेलिया पैदा करने का जुनून पाले हुए हैं। इसके लिए वह किसानों के लिए आवश्यक कृषि प्रणालियों का आकलन करने के लिए अनुसंधान का नेतृत्व कर रहे हैं।

डॉ. भट्टाराई की टीम काला तिल, सौंफ, कलौंजी, कैरवे (शाही जीरा) और जीरा फसल के अनुसंधान पर काम कर रही है। 

रॉकहैम्पटन में यूनिवर्सिटी के इंस्टीट्यूट फॉर फ्यूचर फार्मिंग सिस्टम्स में डॉ. भट्टाराई की टीम काला तिल, सौंफ, कलौंजी, कैरवे (शाही जीरा) और जीरा फसल के अनुसंधान पर काम कर रही है।