Tribeca Film Festival: दक्षिण एशियाई अमेरिकी कलाकारों और क्रू वाली कई फिल्मों का हो रहा प्रदर्शन

कमिंग आउट विद द हेल्प ऑफ ए टाइम मशीन के को प्रोड्यूसर पुलकित दत्ता कहते हैं कि डायस्पोरा के लेखकों, प्रोड्यूसरों और निर्देशकों के साथ अब अभिनेताओं के लिए ऐसी भूमिकाएं मिलना आसान हो गया है जो रूढ़िवादी नहीं हैं। रवि कपूर की फिल्म 'फोर समोसाज' भारतीय-अमेरिकी संस्कृति को दिखाती एक रोचक फिल्म है।

Tribeca Film Festival: दक्षिण एशियाई अमेरिकी कलाकारों और क्रू वाली कई फिल्मों का हो रहा प्रदर्शन

न्यूयॉर्क सिटी में चल रहे ट्रिबेका फिल्म फेस्टिवल (Tribeca Film Festival) में कम से कम आठ ऐसी फिल्मों का प्रदर्शन किया जा रहा है, जिनमें दक्षिण एशियाई अमेरिकी कलाकार और क्रू हैं। ये फिल्में समुदाय के विभिन्न मुद्दों को लेकर बात करती हैं।

इन फिल्मों में 'फोर समोसाज' (Four Samosas) का इस प्रतिष्ठित फेस्टिवल में वर्ल्ड प्रीमियर हुआ।

इन फिल्मों में 'फोर समोसाज' (Four Samosas) का इस प्रतिष्ठित फेस्टिवल में वर्ल्ड प्रीमियर हुआ। इसके अलावा 'लैंड ऑफ गोल्ड' (Land of Gold), शॉर्ट फिल्म, कमिंग आउट विद द हेल्प ऑफ ए टाइम मशीन (Coming Out With The Help Of A Time Machine) और पाकिस्तानी-अमेरिकी फिल्म निर्माता नौशीन दादाभाई की डॉक्यूमेंट्री 'एक्ट्स ऑफ वर्शिप' (Acts of Worship) ने भी इस फेस्टिवल में जगह बनाई है।

कमिंग आउट विद द हेल्प ऑफ ए टाइम मशीन के को प्रोड्यूसर पुलकित दत्ता कहते हैं कि डायस्पोरा के लेखकों, प्रोड्यूसरों और निर्देशकों के साथ अब अभिनेताओं के लिए ऐसी भूमिकाएं  मिलना आसान हो गया है जो रूढ़िवादी नहीं हैं। पहले उन्हें खुद को ऐसी भूमिकाओं तक सीमित करना पड़ता था। लेकिन अब हालात बहुत बदल गए हैं।

अभिनेता करन सोनी इस फिल्म के साथ 'फोर समोसाज' में भी नजर आ रहे हैं। फिल्म फेस्टिवल में एक साथ अपनी दो फिल्मों के प्रदर्शन को लेकर वह कहते हैं कि यह बहुत उत्साहजनक है। सोनी ने कहा कि दक्षिण एशियाई अमेरिकी कलाकारों के साथ काम करने के अपने अलग फायदे हैं। आप एक-दूसरे को आसानी से समझ सकते हैं। आप हर समय एक-दूसरे के साथ प्रतिस्पर्धा करने के स्थान पर मिलकर काम कर सकते हैं।

रवि कपूर की फिल्म 'फोर समोसाज' भारतीय-अमेरिकी संस्कृति को दिखाती एक रोचक फिल्म है। इसमें अपनी पूर्व प्रेमिका की शादी को तुड़वाने के लिए एक युवक की कहानी दिखाई गई है, जो इस काम को करने के लिए लड़की के पिता की सेफ से आभूषण चोरी करने की योजना बनाता है। इस फिल्म फेस्टिवल में 'लैंड ऑफ गोल्ड' का भी वर्ल्ड प्रीमियर हुआ। यह फिल्म पहली पीढ़ी के एक ट्रक चालक किरण के बारे  में है जो पिता बनने वाला है लेकिन उनकी गैरजिम्मेदारी उसके सभी करीबियों को उससे दूर कर रही है। ट्रक चालक की भूमिका नरदीप खुरमी ने निभाई है। उसे अपने ट्रक में एक बच्ची मिलती है जिसके परिवार की तलाश में उसकी यात्रा शुरू होती है।

श्लोक शर्मा की हिंदी फिल्म 'टू सिस्टर्स एंड ए हसबैंड' (Two Sisters and a Husband) और ऑस्कर विजेता डाक्यूमेंट्री फीचर 'समर ऑफ सोल' (Summer of Soul) भी इस फेस्टिवल में शामिल की गई हैं। भारतीय अमेरिकी जोसेफ पटेल इसके को प्रोड्यूसर थे। यहां दिखाई जाने वाली फिल्म 'कॉर्नर ऑफिस' में भारतीय अमेरिकी डैनी पुडी भी दिखाई देंगी। आठ जून को इस फिल्म फेस्टिवल के 21वें संस्करण की शुरुआत नेटफ्लिक्स की डॉक्यूमेंट्री 'हाफटाइम' से हुई थी। 12 दिन के इस फेस्टिवल में 10 श्रेणियों में 88 वर्ल्ड प्रीमियर शामिल हैं। इसके अलावा 40 देशों के 150 फिल्म निर्माताओं की 109 फीचर फिल्में और 16 ऑनलाइन प्रीमियर शोकेस की गई हैं।