मिलिए सिरिशा से, भारतीय मूल की तीसरी महिला जिसने ये गजब काम कर दिखाया

सिरिशा बांदला का बचपन भारत के आंध्र प्रदेश में बीता था। वह हाल ही में भारत भी आई थीं। उनका जन्म बापटला जिले के चिराला में हुआ था। जब वह पांच साल की थीं तब उनके माता-पिता अमेरिका चले गए थे।

मिलिए सिरिशा से, भारतीय मूल की तीसरी महिला जिसने ये गजब काम कर दिखाया

11 जुलाई 2021 को सिरिशा बांदला को वह अनुभव हुआ जिसे वो कभी भुला नहीं पाएंगी। आकाश पूरी तरह काला था और अनंत अंतरिक्ष में एक नीला ग्रह चमक रहा था। इसको एक साल बीत चुका है और अंतरिक्ष में अपने अनुभव को बताने के लिए सिरिशा केवल एक शब्द सोच पाती हैं जो इसे सही तरीके से बयां कर सकता है- 'अद्भुत'।

एक साल पहले सिरिशा बांदला अंतरिक्ष में उड़ान भरने वाली भारतीय मूल की तीसरी महिला बनी थीं।

एक साल पहले सिरिशा बांदला अंतरिक्ष में उड़ान भरने वाली भारतीय मूल की तीसरी महिला बनी थीं। उन्होंने वर्जिन ग्रुप के संस्थापक रिचर्ड ब्रैंसन के साथ वर्जिन गैलेक्टिक यूनिटी 22 पर अंतरिक्ष यात्रा की थी। उल्लेखनीय है कि इस समय सिरिशा बांदला वर्जिन गैलेक्टिक में गवर्नमेंट अफेयर्स एंड रिसर्च ऑपरेशंस की वाइस प्रेसिडेंट हैं।