वित्तीय क्षेत्र में विशेषज्ञों की कमी से जूझता सिंगापुर, वैश्विक प्रतिभाओं की है जरूरत

सिंगापुर के मौद्रिक प्राधिकरण के प्रबंध निदेशक की टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब सिंगापुर सख्त वीजा और हायरिंग प्रतिबंध अपना रहा है। स्थानीय नागरिकों को ध्यान में रखते हुए सिंगापुर में विदेशी कामगारों से उच्च वेतन वाली नौकरियां भी छीन ली गई हैं।

वित्तीय क्षेत्र में विशेषज्ञों की कमी से जूझता सिंगापुर, वैश्विक प्रतिभाओं की है जरूरत
Photo by Julien de Salaberry / Unsplash

वित्तीय संस्थानों की तेजी से बढ़ती विशेषज्ञ कर्मियों की जरूरतों को पूरा करने के लिए सिंगापुर के पास पर्याप्त स्थानीय कर्मी नहीं है। यही वजह है कि सिगांपुर के केंद्रीय बैंक ने कहा है कि जहां एक तरफ वित्तीय क्षेत्र स्थानीय कर्मचारियों की तुलना में अधिक नौकरियां पैदा कर रहा है वहीं अगर वैश्विक प्रतिभाओं के लिए सीमाएं नहीं खोली गईं तो देश अपनी प्रतिस्पर्धात्मकता और विकास को खो देगा।

यानी सरल भाषा में कहें तो सिंगापुर को वित्तीय क्षेत्र में विशेषज्ञों की दरकार है। सिंगापुर के मौद्रिक प्राधिकरण के प्रबंध निदेशक भारतीय मूल के रवि मेनन ने एक मंच पर कहा कि केवल सिंगापुरी दृष्टिकोण वैश्विक वित्तीय केंद्र के रूप में सिंगापुर के लिए घातक होगा क्योंकि वित्तीय संस्थानों की तेजी से बढ़ती विशेषज्ञ जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त स्थानीय लोग नहीं हैं। बता दें कि केंद्रीय बैंक सिंगापुर का वित्तीय नियामक यानी फाइनेंशियल रेगुलेटर भी है।

Using a ATM - Hand pressing number
एक आंकड़ा बताता है कि पिछले साल विदेशी कामगारों की संख्या गिरकर 161,700 हो गई है जो कम से कम एक दशक में सबसे कम है। Photo by Eduardo Soares / Unsplash

जानकारी के लिए बता दें कि मेनन की टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब सिंगापुर सख्त वीजा और हायरिंग प्रतिबंध अपना रहा है। स्थानीय नागरिकों को ध्यान में रखते हुए सिंगापुर में विदेशी कामगारों से उच्च वेतन वाली नौकरियां भी छीन ली गई हैं। सत्तारूढ़ पीपुल्स एक्शन पार्टी ने 2020 के आम चुनाव में स्वतंत्रता के बाद से अपना सबसे खराब प्रदर्शन किया है। ऐसे में पार्टी सत्ता में आने के बाद से सिंगापुरी की एक वैश्विक व्यापार केंद्र के रूप में बनी छवि और देश में स्थानीय लोगों को नौकरी मुहैया कराने के लक्ष्य को लेकर एक संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है।

सिंगाुपर की सरकार का विदेशी हायरिंग नियमों से जुड़ा यह कड़क फैसला ऐसे समय में आया है जब ​राजनीतिकि स्थिरता और कोरोना के प्रति कड़े नियमों के चलते हांगकांग छोड़ने वाले प्रवासी सिंगापुर जा सकते थे और देश् के वित्तीय क्षेत्र में अहम भूमिका निभा सकते थे। एक आंकड़ा बताता है कि पिछले साल विदेशी कामगारों की संख्या गिरकर 161,700 हो गई है जो कम से कम एक दशक में सबसे कम है। सरकारी आंकड़ें बताते हैं कि सिंगापुर की 54 लाख 50 हजार की आबादी में से 30 सिंगापुर के मूल निवासी नहीं है। यह 1990 के बाद 10 फीसदी बढ़ गए हैं।