पहली बार: सिंगापुर में भारतीय मूल के वकील मरणोपरांत बार में शामिल

बार में शामिल करने के मसले पर न्यायमूर्ति चू ने कहा कि ऐसे कई उदाहरण हैं जहां लोगों को मरणोपरांत बार में भर्ती कराया गया था, हालांकि सिंगापुर में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। तिवारी ने शेफील्ड विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई की थी और बाद में पार्ट ए और पार्ट बी बार परीक्षा उत्तीर्ण की थी।

पहली बार: सिंगापुर में भारतीय मूल के वकील मरणोपरांत बार में शामिल
Photo by Bill Oxford / Unsplash

सिंगापुर में पहली बार अलग तरह का ऐसा मामला सामने आया है जब एक 28 वर्षीय भारतीय मूल के वकील को मरणोपरांत सिंगापुर बार में शामिल किया गया हो। बार में शामिल होने के लिए दिए आवेदन पर सुनवाई से नौ दिन पहले विक्रम कुमार तिवारी की मौत हो गई थी।

सुनवाई से नौ दिन पहले तिवारी की कार्डियोरेस्पिरेटरी फेल्योर से मृत्यु हो गई। Photo : Facebook/vikram.tiwary.5

चैनल न्यूज एशिया की रिपोर्ट के मुताबिक सिंगापुर बार में इस साल नौ जून को तिवारी के आवेदन पर सुनवाई होनी थी, लेकिन तिवारी की नौ दिन पहले मौत हो गई। सोमवार को न्यायमूर्ति चू हान टेक ने फैसला सुनाया जिसके बाद तिवारी को सिंगापुर बार में शामिल किया गया। तिवारी ने शेफील्ड विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई की थी और बाद में पार्ट ए और पार्ट बी बार परीक्षा उत्तीर्ण की। उन्होंने 16 मार्च 2021 को बार में दाखिले के लिए आवेदन दिया था।