किसी भी देश में रहने वालों अगर 'म्हारी राजस्थानी भाषा' सीखनी है तो यहां पधारो!

राजस्थानी भाषा सीखने का यह प्रोजेक्ट पूरी तरह से ऑनलाइन होगा, ताकि दुनिया के किसी भी देश में बैठे लोग इस दुलारी भाषा को सीख सके।

किसी भी देश में रहने वालों अगर 'म्हारी राजस्थानी भाषा' सीखनी है तो यहां पधारो!
प्रतीकात्मक फोटो। Jeet Dhanoa / Unsplash

राजस्थानी भाषा को दुनिया में एक पहचान और सम्मान देने के लिए भारतीय प्रवासियों की एक टीम ने मिलकर नया तरीका ईजाद किया है। इन्होंने 'राजस्थानी भासा अकादमी' नाम से एक ट्रस्ट बनाकर उसमें 'द सीखो राजस्थानी प्रोजेक्ट' चलाने की घोषणा की है। यह प्रोजेक्ट पूरी तरह से ऑनलाइन होगा, ताकि दुनिया के किसी भी देश में बैठे लोग राजस्थानी भाषा सीख सकें।

Looking out towards the imposing Mehrangarh Fort in the Blue City of Jodhpur, India.
साहस और वीरता से ओतप्रेात साहित्य सबसे अधिक राजस्थानी भाषा में लिखा गया है। अनूठी है यहां की संस्कृति। Photo by Giuliano Gabella / Unsplash

यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास एट आस्टिन के असिस्टेंट प्रोफेसर दलपत राजपुरोहित और वित्त सलाहकार विशेष कोठारी के अलावा नेहा मालू, गिरिराज बोहरा और कुलदीप राजपुरोहित इस प्रोजेक्ट में अहम योगदान दे रहे हैं। जाने माने भाषा विशेषज्ञ प्रोफेसर गणेश देवि भी अकादमी को मार्गदर्शन देने का काम कर रहे हैं।