अमेरिका में सस्ता ईंधन बेचकर लोगों की मदद कर रही है य​ह सिख फैमिली

जसवेंद्र सिंह ने कहा कि वह लोगों की मदद करना चाहते थे। पैसे कमाने के लिए नहीं तो ऐसा कुछ करके कि वह दूसरों को खुश कर सकें। उन्हें कम कीमत पर ईंधन बेचकर दूसरों की खुशी में खुद को खुशी मिल रही है। हालांकि इस घाटे ने उन्हें और उनकी पत्नी को वरटाइम काम करने के लिए मजबूर किया है।

अमेरिका में सस्ता ईंधन बेचकर लोगों की मदद कर रही है य​ह सिख फैमिली
Photo by engin akyurt / Unsplash

अमेरिका में बढ़ती ईंधन की कीमतों के बीच एक​ सिख दं​पत्ति अपनी दयालुता को लेकर चर्चा में है। दरअसल अमेरिका में एक गैस स्टेशन के सिख मालिक अपने ग्राहकों को ईंधन खरीदी हुई कीमत की तुलना में काफी कम कीमत पर बेच रहे हैं। उनकी पत्नी इस घाटे को पूरा करने के लिए ओवरटाइम काम करने के लिए मजबूर हैं।

इस घाटे ने उन्हें और उनकी पत्नी को ओवरटाइम काम करने के लिए मजबूर किया है। Photo : www.azfamily.com

एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जसवेंद्र सिंह ने दावा किया है कि वह लगभग 3,785 लीटर ईंधन बेच रहे हैं, जिससे उन्हें प्रतिदिन लगभग 500 डॉलर यानी लगभग 3500 रुपये का नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि लोगों के पास अभी पैसा नहीं है। मेरी मां और मेरे पिता ने हमें सिखाया है कि अगर आपके पास कुछ है तो मदद करें।

उन्होंने कहा कि वह लोगों की मदद करना चाहते थे। पैसे कमाने के लिए नहीं तो ऐसा कुछ करके कि वह दूसरों को खुश कर सकें। उन्हें कम कीमत पर ईंधन बेचकर दूसरों की खुशी में खुद को खुशी मिल रही है। हालांकि इस घाटे ने उन्हें और उनकी पत्नी को ओवरटाइम काम करने के लिए मजबूर किया है। जसवेंद्र सिंह का गैस स्टेशन फीनिक्स में ओसबोर्न रोड और 20वीं स्ट्रीट के कोने पर स्थित है। वह 5.66 डॉलर 441.71 प्रति गैलन पर ईंधन खरीदते हैं जबकि वह 5.19 डॉलर 405.04 रुपये प्रति गैलन के हिसाब से बेच रहे हैं।

मार्च में उनका विक्रय मूल्य प्रति लीटर खरीद की लागत से 10 सेंट यानी लगभग 7 रुपये कम था। उन्होंने कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। इस काम के लिए भगवान उनकी मदद कर रहा है। बता दें कि मीडिया में जसवेंद्र सिंह की रिपोर्ट प्रकाशित होने के बाद ट्विटर यूजर्स ने सिंह की इस भावना की सराहना की। यूजर ने लिखा कि कुछ नायक पगड़ी पहनते हैं। यह पहली बार नहीं है जब सिंह ने अपने ग्राहकों को कम पैसे खर्च करने में मदद की है। साल 2007 में उन्होंने कथित तौर पर गैस स्टेशन खरीदा और अगले वर्ष मंदी के दौरान कीमतें कम कीं।