शेष नारायण सिंह : देश ने एक खांटी और बेबाक पत्रकार खो दिया

कोरोना ने वरिष्ठ पत्रकार, राजनीतिक विश्लेषक और स्तंभकार शेष नारायण सिंह को 7 मई 2021 को हमसे छीन लिया। प्लाज्मा सहित कई विधियों से उनकी जीवन रक्षा की कोशिश की गई लेकिन सब बेकार साबित हुई।

शेष नारायण सिंह : देश ने एक खांटी और बेबाक पत्रकार खो दिया

संजीव स्नेही

शेष नारायण सिंह जमीन से जुड़े खांटी पत्रकार थे और राजनीति की उनकी गहरी समझ थी। पत्रकारिता के माध्यम से ताउम्र वह आम आदमी और  जनसरोकार के लिए कलम चलाते रहे। राजनीतिक विश्लेषक के तौर पर उनके कई लेख विभन्न अखबारों में छपते रहे और वे टीवी चैनलों पर डिबेट पैनल में हिस्सा लेते रहे। उन्होंने कभी भी अपने उसूलों से समझौता नहीं किया और वह निष्पक्ष एवं सटीक विश्लेषण के लिए जाने जाते रहे। यही वजह रही कि नौकरियां बदलती रही लेकिन वे नहीं बदले। टीवी डिबेट में भी जिन बातों से वह सहमत नहीं होते थे उसे बड़ी ही शालीनता से और साफगोई से कह जाते थे। उनको जानने वाले उनके इसी व्यवहार के कायल थे। उनका निधन हिंदी पत्रकारिता के लिए बड़ी क्षति है।

निसंदेह राजनैतिक मामलों में बेहतर समझ रखने वाले शीर्ष पत्रकारों में शेष जी का नाम भी गिना जाता है। अपनी धारदार लेखनी और बेबाक बयानी के लिए वह पत्रकारिता जगत में लंबे समय तक याद किए जाते रहेंगे।