'सेवा इंटरनेशनल' ने इसलिए दिया किन्नर रिमी को यह सम्मान, जरूर पढ़ें

इस पुरस्कार को लेने के बाद रिमी ने कहा कि डॉक्टरी की पढ़ाई करने वाली उनकी 27 साल की किन्नर बेटी ईस्थर कोरोना की शिकार हो गई। ईस्थर चाहती थी कि मेरे जीवन में बदलाव आए। मरने से पहले उसे 8 अस्पतालों में ले जाया गया। उन्होंने कहा कि हम किन्नर समाज की आजादी और बेहतरी के लिए मिलकर लड़ रहे हैं।

'सेवा इंटरनेशनल' ने इसलिए दिया किन्नर रिमी को यह सम्मान, जरूर पढ़ें

समाजसेवी संगठन 'सेवा इंटरनेशनल' ने अमेरिका के बे एरिया में आयोजित एक कार्यक्रम में किन्नर समुदाय की अंजलि रिमी को सेवा उत्कृष्ट पुरस्कार से सम्मानित किया। बे एरिया में किन्नर समाज की बेहतरी के लिए काम करने के लिए अंजलि को सम्मानित किया गया है। वह किन्नरों के हक के लिए काम करती हैं और उनके लिए आवाज बुलंद करती हैं। उन्होंने कहा कि 'सेवा' ने उनकी जिंदगी को पूरी तरह से बदल दिया है।

'सेवा' इंटरनेशनल ने भारत के 24 राज्यों में में करीब 2 लाख 25 हजार डॉलर खर्च कर 85 हजार बच्चों की जिंदगी बदलने का काम किया और कई बच्चों की जिंदगी बचाई।

इस पुरस्कार को लेने के बाद रिमी ने कहा कि यह मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान है। इस प्रतिष्ठित पुरस्कार को पाकर मैं खुद को गौरवान्वित महसूस कर रही हूं। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान कहा कि आप में से कई लोग समझ रहे होंगे कि इस सम्मान का मेरे और हमारे किन्नर समाज के लिए क्या खास मायने हैं। उन्होंने बताया कि एक किन्नर होने की वजह से मैंने कई तरह के संघर्षों का सामना किया। मैं आश्रयहीन रही हूं। मेरे साथ यौन दुराचार हुआ। मैं नस्लवाद की शिकार हुई और कई तरह के झंझावतों से गुजरी हूं। उन्होंने कहा कि मैं यह नहीं कह सकती हूं कि मेरे किन्नर समाज के ज्यादातर लोगों के साथ भी ऐसा ही हुआ होगा।