प्रतिष्ठित गोल्डवाटर छात्रवृति के लिए चुने गए भारतीय अमेरिकी छात्र, आगे बढ़ने के रास्ते खुले

बायलर यूनिवर्सिटी के अरविंद स्टेम सेल जीव विज्ञान में पीएचडी करना चाहते है। यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया के एडविथ रामचंद्रन वनस्पति प्रतिक्रियाओं को समझने पर अनुसंधान करना चाहते हैं। चुने गए छात्रों का मानना है कि पढ़ाई को लेकर उन्होंने जो टारगेट फिक्स किए थे, अब इस छात्रवृति से वे पूरे कर सकेंगे।

प्रतिष्ठित गोल्डवाटर छात्रवृति के लिए चुने गए भारतीय अमेरिकी छात्र, आगे बढ़ने के रास्ते खुले

अमेरिका के 417 कॉलेज के विद्यार्थियों को 2022-2023 शैक्षणिक वर्ष के लिए बैरी गोल्डवाटर छात्रवृत्ति के लिए चुना गया है। इनमें से भारतीय मूल के कई छात्र-छात्राएं शामिल हैं। इनका चयन 5,000 से अधिक कॉलेज के छात्रों के बीच से हुआ है। यह छात्रवृत्ति बैरी गोल्डवाटर स्कॉलरशिप एंड एक्सीलेंस इन एजुकेशन फाउंडेशन की ओर से दी जाती है। इसे 1986 में सीनेटर बैरी गोल्डवाटर के आजीवन काम का सम्मान करने के लिए एक जीवित स्मारक के रूप में स्थापित किया गया था। बैरी गोल्डवाटर ने एक सैनिक और राजनेता के रूप में 56 वर्षों तक देश की सेवा की।

जिन भारतीय मूल के अमेरिकी छात्रों को यह छात्रवृति मिली है, उनमें संजीव गुरशने भी शामिल हैं। वह सेंट्रल फ्लोरिडा विश्वविद्यालय जीवन विज्ञान की पढ़ाई कर रहे हैं। वहीं अभिषेक कामथ, बर्मिंघम में अलबामा विश्वविद्यालय के छात्र हैं। जीवन विज्ञान पर अनुसंधान करना उनका लक्ष्य है। छात्रवृति पाने वाली मैथिली केतावराप कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय में पढ़ाई करती हैं। उनका लक्ष्य रोग की प्रगति के पीछे जैव रसायन पर शोध करना है। मृणाली मांजरेकर भी कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय से हैं। जीव विज्ञान पर वह शोध को आगे बढ़ाना चाहती हैं।

बायलर यूनिवर्सिटी के अरविंद मुरुगनाथम स्टेम सेल जीव विज्ञान में पीएचडी करना चाहते हैं। यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया के एडविथ रामचंद्रन वैश्विक परिवर्तन के लिए वनस्पति प्रतिक्रियाओं को समझने पर अनुसंधान करना चाहते हैं। पर्यावरणीय चुनौतियों का समाधान करने वाले अनुसंधान को संचालित करने के लिए एक सरकारी एजेंसी में काम करना उनका लक्ष्य है। अर्जुन न्यूयॉर्क शहर में कोलंबिया विश्वविद्यालय के छात्र हैं। उनके अध्ययन का क्षेत्र भौतिकी और खगोल विज्ञान है। उनका लक्ष्य एक शोध विश्वविद्यालय में प्रोफेसर के रूप में क्वांटम सिद्धांत अनुसंधान में योगदान देना और शिक्षण के माध्यम से भविष्य के भौतिकविदों को प्रेरित करना है।

कोलंबिया के आर्यमन अरोड़ा, जॉर्ज टाउन विश्वविद्यालय के छात्र हैं। वह पीएचडी प्राप्त करने की योजना बना रहे हैं। वह एक शोध विश्वविद्यालय में प्रोफेसर बनना चाहते हैं। फ्लोरिडा स्टेट यूनिवर्सिटी के धेनु पटेल बायोमेडिकल साइंसेज में एमडी और पीएचडी करना चाहते हैं। एक डॉक्टर के रूप में कैंसर के मरीजों का इलाज करने के लिए शोध करना चाहते हैं। जॉर्ज टाउन विश्वविद्यालय की नादिया सदानंदन भी कैंसर पर शोध करना चाहती हैं। दीपेन मेहता एक चिकित्सक और वैज्ञानिक के रूप में काम करना चाहती हैं।

सेंट लुइस में वाशिंगटन विश्वविद्यालय के माधव सुब्रमण्यम ट्यूमर इम्यूनोलॉजी पर ध्यान देने के साथ कैंसर जीव विज्ञान में अनुसंधान करना चाहते हैं। इनके अलावा यूनिवर्सिटी ऑफ केंटकी की ईशा चौहान, लुइसियाना के तुलाने विश्वविद्यालय से नव्या मुरुगेसन को भी छात्रवृत्ति के लिए चुना गया है। साथ ही समीरा तवासोली, न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय, ओलिवर ठाकर, प्रिंसटन यूनिवर्सिटी, वार्शिनी रामनाथन, टफ्ट्स विश्वविद्यालय, साई चंदन रेड्डी, जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी, अनीश बग्गा, एमोरी यूनिवर्सिटी, ईश गुप्ता, रटगर्स यूनिवर्सिटी, विश्व राणा, न्यू जर्सी प्रौद्योगिकी संस्थान को भी छात्रवृत्ति के लिए चुना गया है।