कोविड बचाव की सलाह पर विशेषज्ञ देवी श्रीधर को मिली थीं धमकियां, ऐसे किया प्रताड़ित

श्रीधर की कोविड- 19 महामारी पर विशेषज्ञ टिप्पणियां अक्सर ब्रिटेन को रेडियो और टीवी पर प्रसारित की जाती हैं। धमकियों की वजह से मैंने इसे छोड़ने के बारे में सोचा है, लेकिन ऐसा लगता है, चाहे अच्छा हो या बुरा, मगर, मेरे काम का अब सार्वजनिक आयाम भी है।

कोविड बचाव की सलाह पर विशेषज्ञ देवी श्रीधर को मिली थीं धमकियां, ऐसे किया प्रताड़ित

भारतीय मूल की देवी श्रीधर ब्रिटेन के स्कॉटलैंड सरकार की कोरोना वायरस सलाहकार बोर्ड की सदस्य हैं। और आपको ये जानकार आश्चर्य होगा कोविड से बचाव को लेकर स्कॉटलैंड को सलाह देने की वजह से उनको धमकियां दी गईं। इस प्रतिष्ठित स्वास्थ्य विशेषज्ञ ने खुलासा किया है कि देश में लॉकडाउन के दौरान उन्हें किस तरह से खतरे का सामना करना पड़ा था।

एडिनबर्ग यूनिवर्सिटी में वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य की प्रोफेसर देवी श्रीधर ने कहा है कि उन्हें पिछले साल लॉकडाउन के दौरान सफेद पाउडर और इस्तेमाल किया गया मास्क डाक द्वारा भेजा गया था। इससे मैं अंदर से बहुत हिल गई थी। और यह शायद मेरे जीवन का सबसे कठिन हिस्सा था, क्योंकि यह मेरे वास्तविक जीवन में हो रहा था, न कि आभासी या ऑनलाइन जीवन में।

श्रीधर ने वर्ष 2014 में अफ्रीका में इबोला के प्रकोप और मध्य पूर्व श्वसन सिंड्रोम (MERS) को लेकर भी काम किया था।

श्रीधर की कोविड- 19 महामारी पर विशेषज्ञ टिप्पणियां अक्सर ब्रिटेन को रेडियो और टीवी पर प्रसारित की जाती हैं। धमकियों की वजह से मैंने इसे छोड़ने के बारे में सोचा है, लेकिन ऐसा लगता है, चाहे अच्छा हो या बुरा, मगर, मेरे काम का अब सार्वजनिक आयाम भी है। स्कॉटलैंड की प्रथम मंत्री निकोला स्टर्जन ने विशेषज्ञों को निशाना बनाने की घटना की निंदा करते हुए श्रीधर की तारीफ की और उन्हें सरकार का बेहद महत्वपूर्ण और मूल्यवान सलाहकार बताया।

हालांकि श्रीधर को भेजा गया सफेद पाउडर बाद में फर्जी पाया गया, लेकिन इसने उन वैज्ञानिकों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए जो भविष्य में सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट से निपटेंगे। श्रीधर ने कोविड-19 से पहले 2014 में अफ्रीका में इबोला के प्रकोप और मध्य पूर्व श्वसन सिंड्रोम (MERS) को लेकर भी काम किया था। वह मार्च 2020 में यह सही भविष्यवाणी करने वालों में थी कि संवदेनशील वर्ग बिना व्यापक जांच के जीवित नहीं बचेगा और ब्रिटेन में 18 महीने तक लॉकडाउन लगेगा, जो बीच-बीच में हटेगा।