यूक्रेन लौटे भारतीय छात्रों ने कहा, हालात बहुत बदतर हैं, अभी भी फंसे हैं सैंकड़ों छात्र

यूक्रेन संकट को लेकर उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) से जुड़े देशों और रूस के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनजर यह परामर्श जारी किया गया है। यूक्रेन में भारतीय दूतावास के अधिकारियों के परिवारों को भारत वापस जाने के लिए कहा गया है।

यूक्रेन लौटे भारतीय छात्रों ने कहा, हालात बहुत बदतर हैं, अभी भी फंसे हैं सैंकड़ों छात्र

युद्ध की आशंका के बीच यूक्रेन में भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिकों के लिए परामर्श जारी किया है। कीव स्थित भारतीय दूतावास ने कहा है कि यदि उनका रहना जरूरी नहीं है तो वे अस्थायी रूप से देश छोड़ दें। इसके साथ ही सभी भारतीयों छात्रों को यूक्रेन छोड़ने की सलाह दी गई है। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे चार्टर उड़ानों के अपडेट के लिए संपर्क करें। उन्हें सलाह दी गई है कि दूतावास के सोशल मीडिया पर दिए जाने वाले अपडेट्स को देखते रहें। इससे पहले 15 फरवरी को भी इसी तरह का परामर्श जारी किया गया था। ताजा घटनाक्रम के बीच भारत के कई छात्र लौट गए हैं। लेकिन अभी भी बड़ी संख्या में छात्र वहां फंसे हुए हैं।

बता दें कि भारत के राजस्थान के रहने वाले कांग्रेसी नेता चर्मेश शर्मा ने सबसे पहले 13 फरवरी को यूक्रेन में भारतीय छात्रों की सकुशल वापसी की मांग की थी। इसके बाद 15 फरवरी को भारत सरकार ने पहली बार यूक्रेन में अध्ययन कर रहे भारतीय छात्रों के वापस लौटने के लिए परामर्श जारी किया था। चर्मेश शर्मा रविवार को यूक्रेन से भारत लौट आए हैं। इसके अलावा कई और छात्र भारत लौट रहे हैं। भारत लौटे छात्रों का कहना है कि कि वर्तमान में यूक्रेन में बहुत ही भयावह स्थिति है। यूक्रेन से लौटे छात्रों ने बताया कि अभी भी हजारों की संख्या में भारतीय विद्यार्थी यूक्रेन में फंसे हुए हैं। इन छात्रों का कहना है कि वहां रहने वाले लोग डर के साये में जी रहे हैं और सभी को युद्ध का डर सता रहा है। कुछ दिन पहले यूक्रेन के लोग कह रहे थे कि युद्ध नहीं होगा लेकिन अब यूक्रेन की सरकार द्वारा भी सीमावर्ती शहरों को लगातार खाली करवाया जा रहा है।