ओलंपिक गेम्स की मेजबानी का अवसर भारत को मिला तो रूस करेगा मदद!

रूस के खेल मंत्री ओलेग मैटिसिन ने कहा कि उनके देश के विशेषज्ञों को भारत में ओलंपिक खेलों के आयोजन में मदद करने में खुशी होगी। दरअसल भारत ने अहमदाबाद को केंद्रीय शहर के रूप में रखते हुए 2036 खेलों की मेजबानी के लिए बार-बार रुचि व्यक्त की है।

ओलंपिक गेम्स की मेजबानी का अवसर भारत को मिला तो रूस करेगा मदद!
Photo by Shinnosuke Ando / Unsplash

वर्ष 2036 के ओलंपिक खेलों की बोली के लिए अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति की ओर से भारत को समर्थन मिलता है तो रूस इस मसले भारत को ओलंपिक खेलों की मेजबानी के लिए मदद करेगा। रूस के खेल मंत्री ओलेग मैटिसिन ने यह बात ऐसे वक्त में कही है जब दुनिया यूक्रेन पर आक्रमण के बाद से खेलों में खुद रूस का ही बहिष्कार कर रही है।

खेल मंत्री मैटिसिन ने कहा कि उनके देश के विशेषज्ञों को भारत में ओलंपिक खेलों के आयोजन में मदद करने में खुशी होगी। दरअसल भारत ने अहमदाबाद को केंद्रीय शहर के रूप में रखते हुए 2036 खेलों की मेजबानी के लिए बार-बार रुचि व्यक्त की है। पिछले साल भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) के अध्यक्ष नरिंदर बत्रा ने एक अनूठी बहु-शहर बोली का प्रस्ताव रखा था, जो अहमदाबाद के आसपास प्रमुख गंतव्य के रूप में केंद्रित होगा। दो महीने पहले गुजरात के महाधिवक्ता कमल त्रिवेदी ने गुजरात उच्च न्यायालय को बताया कि हम 2036 के ओलंपिक खेलों की तैयारी कर रहे हैं और 2025 में ओलंपिक समिति का दौरा यहां होगा।

भारत की अपनी यात्रा के दौरान बीते दिनों रूस के खेल मंत्री मैटिसिन ने RIA स्पोर्टर्स को कहा कि रूस बहुत खुश है कि भारत खेलों की मेजबानी की उम्मीद कर रहा है। अगर ओलंपिक खेलों की मेजबानी जैसा सपना सच होता है तो यह देश के स्थिर विकास के लिए एक और मानदंड होगा। ओलंपिक खेलों की मेजबानी के अपने अनुभव को साझा करने के लिए तैयार हैं और हमने ऐसा कई बार किया है। इसलिए यदि कोई निर्णय लिया जाता है तो रूसी विशेषज्ञ भारत में ओलंपिक खेलों के आयोजन में मदद करने में प्रसन्न होंगे।

वहीं रूसी राज्य मीडिया ने यह भी बताया कि मैटिसिन ने रूस के बीच एक दोस्ताना फुटबॉल मैच का प्रस्ताव रखा था। बता दें कि रूसी फुटबॉल टीम का दुनिया में 35वां स्थान है जबकि भारत 104वें स्थान पर है। जानकारी के लिए बता दें कि क्रोएशिया के पूर्व राष्ट्रपति कोलिंडा ग्रैबर-कितारोविक अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति आयोग के प्रमुख हैं जो 2036 खेलों के लिए मेजबान शहर का चयन करेगा। संयोग से रूस उन देशों में से एक था जिसने 2036 ओलंपिक की मेजबानी में रुचि दिखाई थी।

हालांकि यूक्रेन पर आक्रमण के बाद रूस को दुनिया के खेल निकायों से दूर कर दिया गया है। भारत ने 2024 और 2032 के ओलंपिक खेलों की मेजबानी के लिए भी दो बार कोशिश की थी लेकिन दोनों ही बार निशाना सही जगह नहीं लग पाया। अगले तीन ओलंपिक के लिए मेजबान पहले ही तय हो चुके हैं। 2024 के ओलंपिक खेल पेरिस में, 2028 में लॉस एंजिल्स और 2032 में ब्रिस्बेन में खेले जाएंगे। अगला मौका केवल 2036 में आएगा।